हमारे 18 पुराणों में कूर्म पुराण भी एक है। इसमें मनुष्य के आचरण और व्यवहार से जुड़ी अनेक लाइफ मैनेजमेंट टिप्स बताई गऐ है।

कूर्म पुराण के एक श्लोक में ये भी बताया गया कि है कि हमें किन 8 की ओर पैर करके (फैलाकर) बैठना या सोना नहीं चाहिए। ऐसा करने से भाग्य का साथ नहीं मिलता। जानिए इन 8 के बारे में-

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श्लोक
नाभिप्रसारयेद् देवं ब्राह्मणान् गामथापि वा।
वाय्वग्निगुरुविप्रान् वा सूर्यं वा शशिनं प्रति।।

अर्थ- देवता, ब्राह्मण, गाय, अग्नि, गुरु, विप्र, सूर्य व चंद्रमा की ओर पैर नहीं करना चाहिए।

देवता- देवताओं को पूजा जाता है इसीलिए जान-बूझकर मंदिर की दिशा की ओर या देवताओं की तस्वीर या मूर्ति की ओर पैर नहीं करना चाहिए, इससे इनका अपमान होता है।

ब्राह्मण- ऋग्वेद के अनुसार ब्राह्मणों की उत्पत्ति भगवान विष्णु के मुख से हुई है। इसलिए इनकी ओर भी पैर नहीं करना चाहिए।

गाय- गाय में सभी देवताओं का वास माना गया है। इसलिए गाय की ओर भी पैर नहीं करना चाहिए।

अग्नि- अग्नि को देवताओं का मुख कहा गया है, इसलिए उस ओर पैर नहीं फैलाने से देवता नाराज हो सकते हैं।

गुरु- गुरु को भगवान समान माना गया है इसलिए जहां गुरु बैठे हों, उस ओर पैर करके नहीं बैठना चाहिए।

विप्र- वेदों की पढ़ाई करने वाले ब्राह्मण बालक को विप्र कहते हैं। और वेदों के ज्ञाता का अपमान करने से पाप लगता है।

सूर्य- सूर्य एक मात्र ऐसे देवता हैं जो साक्षात दर्शन देते हैं इसलिए सूर्य की ओर पैर नहीं करना चाहिए।

चंद्रमा- चंद्रमा को प्रत्यक्ष देवता भी कहा जाता है। इसलिए चंद्रमा की ओर भी पैर करना चाहिए।