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महिलाएं जब ये 7 काम करें तो पुरुषों को उनकी ओर नहीं देखना चाहिए

हमारे धर्म ग्रंथों में लाइफ मैनेजमेंट से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं, साथ है दैनिक व्यवहार के बारे में बताया गया है। धर्म ग्रंथों में कुछ ऐसे कामों के बारे में भी बताया गया है जिन्हें करने से लोक निंदा का भय रहता है।

No woman should be seen in these 7 conditions Manu Smriti Life Management MMA
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Ujjain, First Published Aug 5, 2022, 5:45 PM IST

उज्जैन. हमारे धर्म ग्रंथों में बहुत से ऐसे कामों के बारे में बताया गया है ,जिन्हें करने से हमारे मान-सम्मान में कमी आ सकती है। इनमें से कुछ बातें तो हम समझते ही हैं, लेकिन फिर भी ग्रंथों में इन कामों को करने से स्पष्ट रूप से मना किया गया है। मनु स्मृति के एक श्लोक के अनुसार, जब महिलाएं कुछ खास काम कर रही हों तो उन्हें नहीं देखना चाहिए, ऐसा करने से पुरुषों की कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आगे जानिए कौन-से हैं वो काम… 

श्लोक
नाश्नीयाद्भार्यया सार्द्धं नैनामीक्षेत चाश्नतीम्।
क्षुवतीं जृम्भमाणां वान्न चासीनां यथासुखम्।।
नञ्जयन्तीं स्वके नेत्रे न चाभ्यक्तामनावृताम्।
न पश्येत्प्रसवन्तीं च तेजस्कामो द्विजोत्तम:।।

1. मनु स्मृति के अनुसार, भोजन करती हुई स्त्री को नहीं देखना चाहिए क्योंकि इस स्थिति में जब कोई महिला को देखता है तो उसे असहजता का अनुभव होता है और वे ठीक तरीके से भोजन नहीं कर पातीं। इसलिए शिष्टाचार कहता है कि जब कोई महिला भोजन कर रही हो तो उनकी ओर नहीं देखना चाहिए।

2. छिंकती या जंभाई लेती महिला की ओर देखना भी शिष्टाचार के विरुद्ध माना गया है। इन दोनों ही स्थिति में स्त्री स्वयं पर नियंत्रण नहीं पाती और इस समय उन्हें मर्यादा का भी भान नहीं रहता। अगर कोई महिला ये दोनों काम कर रही हो तो पुरुष को चाहिए उनकी ओर न देखे।

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3. आंखों में काजल लगाती यानी श्रृंगार करती महिला को जब कोई पुरुष देखता है ये स्थिति उसे असहज कर देती है। ऐसे में उसका ध्यान अपने श्रृंगार से हट जाता है और मन में तरह-तरह के विचार आने लगते हैं। इसलिए अगर कोई महिला श्रृंगार कर रही हो तो वहां से पुरुषों को हट जाना चाहिए।

4. तेल मालिश करती और बच्चे को जन्म देती स्त्री को भी कभी नहीं देखना चाहिए। हालांकि ये दोनों ही परिस्थिति किसी पुरुष के जीवन में शायद ही कभी बनती है। लेकिन अगर ऐसी स्थिति बन जाए तो शिष्टाचार के नाते और लोक निंदा के भय से उस स्थान से चले जाना ही उचित है।


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