Asianet News HindiAsianet News Hindi

माता के श्राद्ध के लिए प्रसिद्ध है ये तीर्थ स्थान, यहां स्थित पीपल को कहते हैं मोक्ष पीपल

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पितरों के निमित्त श्राद्ध करने की परंपरा है। इसे श्राद्ध व पितृ पक्ष कहते हैं। इस बार पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2021) 20 सितंबर से 6 अक्टूबर तक है। इस दौरान प्रमुख तीर्थ स्थानों पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण आदि कर्म किए जाते हैं।

Pitru Paksha, Siddhpur of Gujarat is known for mother shradh, know about it
Author
Ujjain, First Published Sep 27, 2021, 6:30 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

उज्जैन. श्राद्ध व तर्पण के लिए प्रसिद्ध तीर्थ है गुजरात (Gujarat) के पाटन (Paatan) जिले में स्थित सिद्धपुर (Siddhpur)। यह एकमात्र ऐसा तीर्थ है जहां सिर्फ मातृ श्राद्ध का प्रावधान है। सिद्धपुर में सबसे महत्वपूर्ण स्थल बिंदु सरोवर (Bindu Sarovar) है। श्राद्ध पक्ष में यहां लोगों की भीड़ उमड़ती है। सिद्धपुर का वर्णन कई धर्म ग्रंथों में मिलता है।

कपिल मुनि ने किया था माता का श्राद्ध
पौराणिक काल में भगवान विष्णु ने कपिल मुनि के रूप में अवतार लिया था। उनकी माता का नाम देवहुति और पिता का कर्दम था। एक समय ऋषि कर्दम तपस्या के लिए वन में चले गए तो देवहुति काफी दुखी हो गई। ऐसे में पुत्र कपिल मुनि ने सांख्य दर्शन की विवेचना करते हुए उनका ध्यान भगवान विष्णु में केन्द्रित किया। ऐसे में श्रीहरी में ध्यान लगाते हुए माता देवहुति देवलोकगमन कर गई।
मान्यता है कि बिंदु सरोवर के तट पर माता के देहावसान के पश्चात कपिल मुनि ने उनकी मोक्ष प्राप्ति के लिए अनुष्ठान किया था। इसके बाद से यह स्थान मातृ मोक्ष स्थल के रूप में प्रसिद्ध हुआ। कपिल मुनि ने कार्तिक महीने में यह अनुष्ठान किया था, इसलिए हर साल यहाँ पर कार्तिक महीने में विशाल मेले का आयोजन होता है और दूरदराज से लोग अपनी मां का श्राद्ध करने के लिए आते हैं।

एक कथा ये भी
एक मान्यता यह भी है कि भगवान परशुराम ने भी अपनी माता का श्राद्ध सिद्धपुर में बिंदु सरोवर (Bindu Sarovar) के तट पर किया था। मातृ हन्ता के पाप से मुक्त होने के ऋषि परशुराम ने यहां पर कर्मकांड किया था। सिद्धुपुर में एक पीपल का पवित्र वृक्ष है, जिसको मोक्ष पीपल कहा जाता है और मोक्ष पीपल पर पुत्र माँ की मोक्ष के लिए प्रार्थना करते है।

कैसे पहुंचें?
- सिद्धपुर से निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद है, जो शहर से 115 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां से टैक्स, बस की सुविधा उपलब्ध है।
- सिद्धपुर (Bindu Sarovar) भारतीय रेलवे के पश्चिमी रेलवे नेटवर्क पर स्थित है। यह शहर कई प्रमुख ट्रेनों के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
- सिद्धपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का एक अच्छा नेटवर्क भी है। राज्य परिवहन निगम सिद्धपुर को गुजरात और देश के अन्य राज्यों के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से जोड़ता है।

श्राद्ध पक्ष के बारे में ये भी पढ़ें 

किन ग्रहों के कारण कुंडली में बनता है पितृ दोष, इससे क्या परेशानियां होती हैं? जानिए इसके उपाय 

उज्जैन के सिद्धनाथ घाट पर ऑनलाइन भी हो रहा पिंडदान, यहां स्थित वट वृक्ष को देवी पार्वती ने लगाया था

विवाहित महिला या दुर्घटना में मृत परिजन की मृत्यु तिथि पता न हो तो इस दिन करें श्राद्ध

श्राद्ध के लिए प्रसिद्ध है गया तीर्थ, यहां बालू के पिंड बनाकर करते हैं पिंडदान, क्या है इसका कारण?

6 अक्टूबर को गज छाया योग में करें पितरों का श्राद्ध, उन्हें मिलेगी मुक्ति और आपको सुख-समृद्धि

राजस्थान में है श्राद्ध के लिए ये प्राचीन तीर्थ स्थान, यहां गल गए थे पांडवों के हथियार

 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios