श्राद्ध के भोजन में खीर अवश्य बनाई जाती है, जानिए क्या है इस परंपरा का कारण

Published : Sep 10, 2020, 02:32 PM IST
श्राद्ध के भोजन में खीर अवश्य बनाई जाती है, जानिए क्या है इस परंपरा का कारण

सार

हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है। इस दौरान पितृों की स्मृति में तर्पण, पिंडदान आदि किया जाता है, साथ ही ब्राह्मण भोज भी करवाया जाता है। सगे-संबंधियों व मित्र आदि को भी भोजन पर आमंत्रित किया जाता है। श्राद्ध के भोजन में खीर अवश्य बनाई जाती है।

उज्जैन. हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है। इस दौरान पितृों की स्मृति में तर्पण, पिंडदान आदि किया जाता है, साथ ही ब्राह्मण भोज भी करवाया जाता है। सगे-संबंधियों व मित्र आदि को भी भोजन पर आमंत्रित किया जाता है। श्राद्ध के भोजन में खीर अवश्य बनाई जाती है। जानिए ऐसा क्यों किया जाता है…

ये है इस परंपरा का कारण
- जब भी कोई अतिथि हमारे घर आता है तो हम उसे स्वादिष्ट भोजन कराते हैं, उस भोजन में मिठाई भी अवश्य होती है।
- मिठाई के साथ भोजन करने पर अतिथि को पूर्ण तृप्ति का अनुभव होता है। इसी भावना के साथ श्राद्ध में भी पितरों की पूर्ण तृप्ति के लिए खीर बनाई जाती है।
- इसका मनोवैज्ञानिक भाव यह भी है कि श्राद्ध के भोजन में खीर बनाकर हम अपने पितरों के प्रति आदर-सत्कार प्रदर्शित करते हैं।
- श्राद्ध में खीर बनाने के पीछे एक पक्ष यह भी है कि श्राद्ध पक्ष से पहले का समय बारिश का होता है। पहले के समय में लोग बारिश के कारण अधिकांश समय घरों में ही व्रत-उपवास करके बिताते थे।
- अत्यधिक व्रत-उपवास के कारण शरीर कमजोर हो जाता था। इसलिए श्राद्ध पक्ष के 16 दिनों तक खीर-पूड़ी खाकर व्रती अपने आप को पुष्ट करते थे। इसलिए श्राद्ध में खीर बनाने की परंपरा है।

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम