
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि बीएसएनएल का अस्तित्व देश के रणनीतिक हित में है और सरकार कंपनी के समक्ष आ रही मुश्किलों को दूर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने माना कि दूरसंचार क्षेत्र में कुछ दिक्कतें हैं, जिनके ऊपर सरकार गौर कर रही है।
रेवेन्यू का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों पर खर्च करती है BSNL
प्रसाद ने इंडिया इकोनॉमिक कांक्लेव में कहा, ‘‘बीएसएनएल देश के रणनीतिक हित में है। कहीं बाढ़ आये या चक्रवात, सबसे पहले बीएसएनएल की सेवाएं नि:शुल्क होती हैं। उनके राजस्व का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो जाता है जबकि अन्य कंपनियों को इसके लिये पांच-दस प्रतिशत ही खर्च करना पड़ता है।’’बीएसएनएल अपने कर्मचारियों को सितंबर महीने का वेतन नहीं दे पायी है। ऐसी खबरें हैं कि वित्त मंत्रालय बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करना चाहता है।
टेलीकॉम सेक्टर की दिक्कतें दूर करेगी सरकार
प्रसाद ने कहा कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र की दिक्कतों को भी दूर करना चाहती है, लेकिन सरकार यह भी उम्मीद करती है कि कंपनियां अपना नेटवर्क बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को अपनी सेवाओं से संतुष्ट करने की जिम्मेदारी निभाएंगी। उन्होंने देश में 5जी सेवाओं की शुरुआत के बारे में समयसीमा की जानकारी नहीं दी। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह भारत को 5जी से संबंधित बौद्धिक संपदा का केंद्र बनाना चाहते हैं।
5G पर सतर्कता से करना होगा काम
प्रसाद ने कहा, ‘‘हमने परीक्षण के लिये स्पेक्ट्रम दिया है। मैं चाहूंगा कि भारत 5जी से संबंधित बौद्धिक संपदा का केंद्र बने, लेकिन जहां तक 5जी का सवाल है, हमें इस बारे में सतर्कता से काम करना होगा कि दुनिया में किस तरह की पारिस्थितिकी विकसित होती है।’’ उन्होंने कहा कि 5जी प्रौद्योगिकी से कई मुद्दे जुड़े हुए हैं। जैसे, यदि एक चालकरहित कार की दुर्घटना हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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