Published : Oct 10, 2021, 05:38 PM ISTUpdated : Oct 10, 2021, 05:43 PM IST
बिजनेस डेस्क। त्यौहारी सीजन पर कीमतों पर कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उसके इस कदम से देशभर में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। सरकार ने इस आवश्यक उपभोग की वस्तु के तय सीमा से अधिक भंडारण पर 31 मार्च तक रोक लगा दी है, इससे दशहरा-दिवाली सहित नववर्ष के मौके पर भरपूर व्यंजनों का स्वाद ले पाएंगे, देखें सरकार ने किन वस्तुओं के भंडारण पर अधिकतम सीमा तय की है...
खाद्य तेलों की स्टॉक लिमिट तय
मोदी सरकार ने रविवार को खाद्य तेलों के व्यापारियों पर 31 मार्च तक स्टॉक या भंडारण की सीमा लगा दी है। देश के घरेलू बाजार में कीमतों में कमी लाने के लिए ये बड़ा फैसला लिया गया है। कुछ आयातकों-निर्यातकों को इससे छूट दी गई है। NCDEX मंच पर आठ अक्टूबर से सरसों तेल के वायदा कारोबार पर पहले ही रोक लगा दी गई है। ( फाइल फोटो)
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राज्य सरकारें तय करेंगी भंडारण की सीमा
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह आदेश दिया है कि वह तेल और तिलहन के भंडारण की सीमा तय करें। लगाएं. केंद्र ने राज्य सरकारों को निर्देशित किया है कि प्रदेश प्रशासन ये देखे की कहीं जमाखोरी तो नहीं हो रही है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ( फाइल फोटो)
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केंद्र ने देश की हर राज्य सरकार से कहा है कि वह अपने यहां जरुरत के आधार पर यह तय करें कि उनके प्रदेश में तेल स्टॉक लिमिट की क्या हो। केंद्र सरकार ने खाने वाले तेल की कोई सीमा तय नहीं की है। इस फैसले को उसने पूरी तरह प्रदेश सरकारों पर छोड़ दिया है। ( फाइल फोटो)
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खाद्य तेलों के दाम 46.15 प्रतिशत बढ़े
केंद्रीय एजेंसी के मुताबिक बीते एक साल में खुदरा बाजारों में खाद्य तेलों के दाम 46.15 प्रतिशत तक बढ़े हैं। घरेलू बाजार में सप्लाई में व्यवधान आने से खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान में कहा, ''केंद्र के इस फैसले से घरेलू बाजार में खाद्य तेल कीमतों में नरमी आएगी। इससे देशभर में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।'' । (फाइल फोटो)
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