Published : Oct 07, 2021, 08:17 AM ISTUpdated : Oct 07, 2021, 08:20 AM IST
लखीमपुर खीरी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने पलिया (Palia) और निघासन (Nighasan) में हिंसा पीड़ित किसान (Voilence Victim Farmer) और पत्रकार के परिवार (Journalist Family) से मुलाकात की। उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री (Ajay Mishra Tenu) की बर्खास्तगी के बिना पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाएगा। निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्री के आरोपी बेटे आशीष मिश्र (Ashish Mishra) की गिरफ्तारी की मांग की।
प्रियंका और राहुल ने माता-पिता को गले लगाया
राहुल और प्रियंका ने लवप्रीत के परिवार वालों के साथ करीब आधा घंटा का समय बिताया। उनके माता-पिता को गले से लगाया। दोनों ही लोग परिजन के साथ बैठे और पूरे घटनाक्रम के बारे में चर्चा की। इस दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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प्रियंका गांधी बोलीं- मंत्री को बर्खास्त करे सरकार
रमन कश्यप के परिवार वालों से मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका ने मीडिया से बातचीत की। प्रियंका ने कहा कि लवप्रीत को कुचला गया है और जिस मंत्री के बेटे ने कुचला, वह अभी भी मंत्री है। जब तक वह मंत्री रहेंगे, निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है। उनका बेटा इस मामले में आरोपी है, इसलिए मंत्री को बर्खास्त करके उनके बेटे को गिरफ्तार करना चाहिए।
राहुल बोले- किसानों की हत्या बड़ी बात है...
राहुल ने कहा कि देश के किसानों के साथ जो हो रहा है हम उसके खिलाफ लड़ रहे हैं। दोनों परिवारों ने कहा है कि वे न्याय चाहते हैं। हम यहां न्याय दिलवाने आए हैं और यह लड़ाई चलती रहेगी। यहां आने से मुझे रोका गया, यह बड़ा सवाल नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि यहां किसानों को कुचला गया है। किसानों की हत्या बड़ी बात है।
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परिजन बोले- प्रियंका-राहुल ने बढ़ाई हिम्मत
लवप्रीत के परिजन ने कहा कि प्रियंका और राहुल ने हमारी हिम्मत बढ़ाई है। मुआवजा सब कुछ नहीं है। हमें न्याय चाहिए। उन्होंने हमारी बात पूरे ध्यान से सुनकर मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, रमन कश्यप के परिजन ने बताया कि उन्होंने राहुल को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी है। उन्होंने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
टकराव के बाद मिली अनुमति, आखिर पीड़ितों से मिले राहुल-प्रियंका
बता दें कि रविवार को तिकुनिया में हिंसा के दौरान जीप के रौंदने से चार किसान की मौत हो गई थी। जबकि एक पत्रकार और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की भी पीट-पीटकर हत्या की गई थी। घटना वाले दिन से ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी आने की कोशिश कर रही थीं। मगर, सीतापुर में ही उन्हें नजरबंद और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार को राहुल गांधी की तरफ से प्रदेश सरकार से वहां जाने की अनुमति मांगी गई थी। तीन दिन तक चले टकराव के बाद बुधवार रात प्रियंका और राहुल को पीड़ितों से मिलने की अनुमति दे दी गई।
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रात साढ़े 9 बजे पीड़ितों से मिलने पहुंचे
प्रियंका और राहुल बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच लवप्रीत के घर पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत किए बिना अंदर चले गए। अंदर दोनों ने परिवार वालों से बातचीत की और घटना के बारे में जानकारी ली। जब बाहर निकले तो भी बिना किसी सवाल का जवाब दिए चले गए। इसके बाद वे पत्रकार रमन कश्यप के घर निघासन पहुंचे और उनके परिवार वालों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी देर शाम राहुल गांधी के साथ तिकुनिया की हिंसा में मारे गए किसान लवप्रीत के घर चौखड़ा फार्म पहुंचे। उन्होंने परिजन से मुलाकात की। इसके बाद वे लोग निघासन (Nighasan) में मृतक पत्रकार रमन कश्यप के घर भी पहुंचे।
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पत्रकार रमन कश्यप और लवप्रीत के परिजन को प्रशासन ने 40-40 लाख रुपए मुआवजा की चेक सौंपी। सरकार परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देगी। मामले में एसआईटी गठित कर दी गई। न्यायिक जांच का भी आश्वासन दिया गया है।
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आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह भी पीड़ित किसान परिवारों से मिलने पहुंचे। उनके साथ पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने परिजन से मुलाकात की और घटना के संबंध में जानकारी ली।
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