Bharat Taxi India : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में सरकारी कैब 'भारत टैक्सी' लॉन्च की। इसमें ड्राइवर खुद गाड़ी का मालिक होगा। यानि उनको इसमें किसी को कोई कमीशन नहीं देना होगा। कुल मिलाकर उनकी हर राइड पर 100% कमाई होगी।
सीएम योगी ने बुधवार को लखनऊ में सरकारी कैब ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने कहा- सहकारिता मंत्रालय के गठन के परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। जिन लोगों के बारे में कोई सोचता नहीं था जैसे- टैक्सी ड्राइवर, अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे।
सिर्फ 4 घंटे में कमाए दिनभर का पैसा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी का शुभारंभ करते हुए कहा-अभी तक किसी ने टैक्सी ड्राइवर के फायदे के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन अब उनकी किसी को कमीशन नहीं देना होगा। यानि अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे। कुल मिलाकर उनको ओला-अबर जैसा कोई कमीशन नहीं देना होगा। सीएम योगी ने कहा भारत टैक्सी के मालिक ड्राइवर होंगे, अब कोई भी इसको चार घंटे चलाकर खूब पैसा कमा सकता है। यानि वह पार्ट टाइम में फुल टाइम बराबर पैसे कमा सकते हैं।
अपनी टैक्सी चलाकर बनिए खुद मालिक बनिए
वहीं भारत टैक्सी के शुभारंभ पर यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा-अब आप भारत टैक्सी को अपनाओ। भारत टैक्सी यानी अपना पैसा, अपनी मोटर और अपना ड्राइवर। उन्होंने प्राइवेट कंपनियों की कैब चलाकर नौकर नहीं बनें, अपनी टैक्सी चलाकर मालिक बनिए। कोई भी ड्राइवर रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे।
भारत टैक्सी का यात्री कैसे उठाए लाभ?
बता दें कि सरकार के द्वारा शुरू की गई इस स्कीम का लाभ लेने के लिए भारत टैक्सी का एप भी है। जो कि ओला-उबर जैसा है, जिसे आप एप स्टोर्स से डाउनलोड कर सकेंगे। यह एप सभी प्रमुख्य भाषा हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी में है।
ड्राइवरों को भारत टैक्सी से क्या फायदा?
भारत टैक्सी में ड्राइवरों को सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें उनको किसी को कोई कमीशन नहीं देना होगा। यानि बिना किसी कटौती के उनकी हर राइड की 100% कमाई होगी। हालांकि उन्हें सिर्फ दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा, जो कि बहुत ही कम होगा।
यह सरकार ना किसी एक मालिक की
बता दें कि भारत टैक्सी पहल केंद्र सरकार के द्वारा की गई योजना है। कुल मिलाकर यह सरकारी है, इसका कोई प्राइबेट मालिक नहीं है। जबकि दूसरी टैक्सी कंपनी ओला-उबर पूरी तरह प्राइवेट हैं।
पीक अवर में नहीं बढ़ेगा कोई किराया
अभी हम देखते ही पीक अवर खासकर सुबह और शाम को जब ऑफिस का टाइम होता है तो प्राइबेट कंपनियों की कैब मंहगी हो जाती है। यानि वह डबल चार्ज करती हैं। कई बार तो फेयर कम होने पर वह यात्री की बुकिंग नहीं लेते हैं।


