मोटापा कहीं बन ना जाए ब्रेस्ट कैंसर का कारण, स्टडी में दंग करने वाला खुलासा

Published : May 16, 2024, 08:54 AM ISTUpdated : May 16, 2024, 08:55 AM IST
Breast Cancer1

सार

गंभीर मोटापे से ग्रस्त महिलाएं जिनकी लंबाई 5 फीट 6 इंच हो और वजन 98 किलो से ज्यादा हो उनमें ब्रेस्ट कैंसर से मौत का जोखिम अधिक था। मेनोपॉज के बाद यह ज्यादा देखने को मिला।

हेल्थ डेस्क. ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं के लिए बहुत ही घातक होता है। सही वक्त पर पता नहीं चलने और देर से इलाज शुरू होने की वजह से मौत का जोखिम बढ़ जाता है।वैसे तो ब्रेस्ट कैंसर के कई कारण होते हैं। लेकिन एक नए स्टडी में मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम को भी ब्रेस्ट कैंसर से जोड़ा गया है। यह ब्रेस्ट कैंसर के सबटाइप और मृत्यु दर जोखिम के साथ चिंताजनक संबंध से जुड़ा हुआ पाया गया।

महिला स्वास्थ्य पहल (WHI) के स्वंतत्र टेस्ट में कम फैट वाले डाइट ने ब्रेस्ट कैंसर की मृत्यु दर को कम कर दिया, खासकर अधिक मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम ((MetS) कंपोनेंट वाली महिलाओं में।इसमें मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर और असामान्य कोलेस्ट्रॉल शामिल हैं। रिजल्ट में संकेत मिलता है कि मेट्स और मोटापा प्रत्येक का ब्रेस्ट कैंसर के सबटाइप और मृत्यु दर जोखिम के साथ अलग-अलग संबंध है। ऑनलाइन CANCER में यह स्टडी रिजल्ट को पब्लिश किया गया। यह अमेरिकन कैंसर सोसायटी की एक सहकर्मी-समीक्षित पत्रिका है।

स्टडी में इतनी महिलाओं को किया गया शामिल

स्टडी में 63,330 पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं को शामिल किया गया। इसमें ब्रेस्ट कैंसर से 659 मौतें हुईं। रिजल्ट में देखा गया कि जिन महिलाओं की मौत हुई उनमें से ज्यादातर गंभीर मोटापा से पीड़ित थीं। मेनोपॉज के बाद 5 फीट, 6 इंच लंबी महिला, जिसका वजन 98 किलोग्राम से अधिक हो, उनमें स्तन कैंसर से मृत्यु दर का खतरा अधिक था।

हर साल इतने महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर से होती है मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के कारण 2022 में वैश्विक स्तर पर 670,000 मौतें हुईं। इस बीच, 2.3 मिलियन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर डायग्नोसिस किया गया था।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

-ब्रेस्ट में गांठ या त्वचा का गाढ़ा क्षेत्र जो आसपास के ऊतकों से अलग महसूस होता है।

-एक निपल जो चपटा दिखता है या अंदर की ओर मुड़ जाता है।

-ब्रेस्ट की त्वचा के रंग में परिवर्तन होना। गोरी त्वचा वाले लोगों में, स्तन की त्वचा गुलाबी या लाल दिख सकती है। भूरी और काली त्वचा वाले लोगों में, ब्रेस्ट की त्वचा छाती की अन्य त्वचा की तुलना में अधिक गहरी दिख सकती है या यह लाल या बैंगनी दिख सकती है।

-ब्रेस्ट के आकार, आकार या स्वरूप में परिवर्तन।

-ब्रेस्ट के ऊपर की त्वचा में परिवर्तन, जैसे कि त्वचा पर गड्ढे पड़ना या संतरे के छिलके जैसी दिखना।

-ब्रेस्ट की त्वचा का छिलना, पपड़ीदार होना, पपड़ी बनना या पपड़ी बनना।

और पढ़ें:

Weight Loss की दवा से कम होगा हार्ट अटैक का खतरा, जानें नई रिसर्च

शमिता शेट्टी को हुई ऐसी बीमारी, जिसमें प्रेग्नेंट होना होता है मुश्किल

PREV

Recommended Stories

Ayushman Card List Hospital: मुफ्त इलाज वाले अस्पताल, भर्ती होने से पहले यह जांच लें-बचेगा बिल
Oral Cancer Symptoms: शरीर में दिखें इस तरह के लक्षण तो हो जाएं अलर्ट