लड़कियां हो जाएं सावधान! छोटी उम्र में पीना शुरू कर दिया है सिगरेट, तो बच्चा पैदा करने में हो सकती है दिक्कत

Published : May 29, 2024, 09:05 AM ISTUpdated : May 29, 2024, 09:10 AM IST
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सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार धूम्रपान ना केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म देता है, बल्कि इसके कई दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। इस रिपोर्ट में बताया है कि भारत में यंग गर्ल्स में धूम्रपान की प्रवृत्ति दोगुनी हो गई है।

हेल्थ डेस्क: सिगरेट पीना आज की जनरेशन को बहुत कूल और स्टाइलिश लगता है। लेकिन धूम्रपान न केवल एक स्वास्थ्य चेतावनी है बल्कि इसके कई दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। हाल ही में इंडिया टोबैको कंट्रोल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जहां पता चला कि यंगस्टर्स में इसकी संख्या बढ़ गई है। खासकर लड़कों की तुलना में लड़कियों में धूम्रपान 6.02% बढ़ गया है जो बहुत चिंताजनक है, क्योंकि लड़कियों और महिलाओं में धूम्रपान कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।

क्या कहती है रिपोर्ट

इंडिया टोबैको कंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2009 से 2019 के बीच लड़कों की तुलना में लड़कियों में स्मोकिंग 6.02% बढ़ गया है। खासकर यंग गर्ल्स में इसकी बढ़ोतरी ज्यादा देखी गई है। वहीं, वयस्कों में धूम्रपान में गिरावट आई है। पुरुषों में 2.2 प्रतिशत और महिलाओं में 0.4 प्रतिशत की गिरावट है। बता दें कि लड़कियों में धूम्रपान का चलन महिलाओं से अधिक है, जो युवा पीढ़ी के तेजी से तंबाकू की लत में फंसने का चिंताजनक संकेत दे रहा है।

यंगस्टर्स में स्मोकिंग के कारण

यंग गर्ल्स और बॉयज के पेरेंट्स का स्मोकिंग करना

फ्रेंड्स का दबाव या प्रोत्साहन

सिगरेट स्मोकिंग को स्टाइलिश और एटीट्यूड समझना

तंबाकू प्रोडक्ट की आसान अप्रोच

तनाव और चिंता होना

इमोशनल डैमेज जैसे- आत्मसम्मान को ठेस पहुंचना या इंसल्ट फील होना

यंगस्टर को कैसे प्रभावित करता है धूम्रपान

एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्मोकिंग यंगस्टर्स में इंस्टेंट और लॉन्ग टर्म हेल्थ इश्यूज पैदा कर सकता है। जिसमें सांसों की दुर्गंध, पीले दांत होना। सर्दी और बार-बार फ्लू का खतरा, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा हो सकता है। इसके अलावा लॉन्ग टर्म में हार्ट प्रॉब्लम, लंग्स का डैमेज होना, गले और पेट के कैंसर का कारण, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और चिंता आदि। डॉक्टर का मानना हैं कि लड़कियों में स्मोकिंग की समस्या इनफर्टिलिटी को बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं स्मोकिंग करने वाली लड़कियों को कई बार डिसेबल बच्चे भी पैदा हो सकते हैं।

और पढ़ें- Menstrual Hygiene Day: 6 इको फ्रेंडली पीरियड प्रोडक्ट करें यूज

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