Cervical cancer: 30 के पार की महिलाओं को रहना चाहिए अलर्ट, हर 3-5 साल के बीच कराएं पैप स्मीयर टेस्ट

Published : Mar 10, 2023, 12:29 PM ISTUpdated : Mar 10, 2023, 12:34 PM IST
cervical cancer

सार

सर्वाइकल कैंसर के मामले में काफी बढ़ोतरी हो रही हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक 30 से अधिक उम्र की महिलाओं को यह सबसे ज्यादा होता है। एक साधारण पैप-स्मीयर परीक्षण आपको घातक कैंसर का सही समय पर पता लगाने में मदद कर सकता है।

हेल्थ डेस्क. ब्रेस्ट कैंसर के बाद महिलाओं में सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर होता है। गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स की कोशिकाओं में यह कैंसर होता हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (वर्ल्ड हैल्थ आर्गेनाइजेशन) के रिपोर्ट की मानें तो भारत में हर 8 मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर की वजह से मर जाती हैं। ऐसे में 30 के पार की महिलाओं को अपने हेल्थ के प्रति सतर्क रहने की जरूरत हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो 30 के पार की महिलाओं को पैप-स्मीयर टेस्ट (Pap smear test) कराने की जरूरत होती है।

सर्वाइक कैंसर क्यों होता है

ह्यूमन पेपिलोमावायरस, या एचपीवी (human papilloma virus) के साथ लंबे समय तक चलने वाले संक्रमण की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है। लेकिन एक सिंपल पैप-स्मीयर टेस्ट आपको घातक कैंसर का सही समय पर पता लगाने में मदद कर सकता है।डॉक्टरों का कहना है कि एचपीवी एक सामान्य वायरस है जो सेक्स के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। और अध्ययनों के अनुसार, कम से कम आधे यौन सक्रिय लोगों को अपने जीवन में कभी न कभी एचपीवी होगा, लेकिन कुछ महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर होगा।

क्या है पैप स्मीयर टेस्ट

पैप स्मीयर को पैप टेस्ट भी कहा जाता है। यह एक साधारण स्क्रीनिंग हैं जो सर्विक्स में कैंसर कोशिकाओं का पता लगाती हैं।पैप टेस्ट करने के लिए डॉक्टर स्पेकुलम (speculum) नामक यंत्र को योनि में डालते हैं। एक बार जब सर्विक्स नजर आने लगता है तो वहां से कुछ कोशिकाएं यंत्र की मदद से इकठ्ठा की जाती हैं । फिर माइक्रोस्कोप की मदद से इन कोशिकाओं में किसी भी तरह की असामान्यता की जांच की जाती है। अगर वे कोशिकाएं कैंसर ग्रस्त पायी जाती हैं तो उसके हिसाब से डॉक्टर आगे का इलाज करते हैं।

क्या पैप स्मीयर टेस्ट में दर्द होता है

जब सर्विक्स से स्पेकुलम की मदद से कोशिकाएं निकालते हैं तो थोड़ा असहज महसूस हो सकता हैं। लेकिन यह टेस्ट दर्द से रहित होता हैं। इसे कराना आसान हैं।

कब कराएं पैम स्मीयर टेस्ट

-पीरियड्स के दौरान इस टेस्ट को नहीं कराते हैं। ब्लीडिंग खत्म होने के तीन से चार दिन बाद इस टेस्ट को कराएं।

-परीक्षण से कम से कम 2 दिन पहले अपने साथी के साथ सेक्स ना करें।

-यदि आप गर्भवती हैं, तो गर्भावस्था के 24 सप्ताह के बाद परीक्षण न कराएं।

-टेस्ट के दौरान शांत और तनावमुक्त रहें और घबराहट महसूस न करें।

कब करानी चाहिए पैप स्मीयर टेस्ट

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर के लिए महिलाओं में बुनियादी कैंसर की जांच 25 के बाद शुरू होनी चाहिए। हालांकि, डॉक्टर सलाह देते हैं कि पैप स्मीयर नियमित रूप से हर पांच साल में 30 के बाद किया जाना चाहिए क्योंकि अगर सर्वाइकल कैंसर का जल्दी पता चल जाता है, तो इसका ट्रीटेमेंट हो सकता हैं। लंबे वक्त तक एक अच्छी लाइफ जी सकते हैं।

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