
33 साल की कानपुर की महिला ने रंग गोरा करने के लिए मुंबई से एक क्रीम खरीदी। 15 से 20 दिन क्रीम का इस्तेमाल करने के बाद महिला के पैर और चेहरे पर सूजन आ गई। यह देखकर वह डर गई और डॉक्टर से तुरंत संपर्क किया। आपको जानकर हैरानी होगी कि जांच में किडनी की बीमारी निकली।
डॉक्टर ने बताया कि महिला की यूरिन से प्रोटीन आने की समस्या होने लगी।। महिला ने चेहरे को गोरा बनाने के लिए कुछ समय पहले ऑनलाइन बिना ब्रांड क्रीम खरीदी थी। अब महिला का इलाज चल रहा है। फेयरनेस क्रीम व कॉस्मेटिक उत्पाद आजकल ऑनलाइन खूब बिक रहे हैं। ऐसे में यह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन से उत्पाद आपके चेहरे के लिए अच्छे हैं? आज वर्ल्ड किडनी डे (World Kidney Day) पर जानते हैं कि किस तरीके से चेहरे को गोरा बनाने वाली क्रीम आपकी किडनी को खराब कर सकती हैं?
ऐसा नहीं है कि सभी फेयरनेस क्रीम किडनी खराब कर देती हैं। जब बिना ब्रांड के क्रीम खरीदी जाती है, तो उनमे हानिकारक केमिकल्स का खतरा रहता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन क्रीम्स में मरकरी की अधिक मात्रा किडनी में नेल वन एंटीबॉडी का कारण बनती है। यह समस्या किडनी के फिल्टर की क्षमता को प्रभावित करता है। इस कारण से किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती। अगर आप भी फेयरनेस क्रीम खरीदना चाहती हैं, तो लेबल में मरकरी या पारे के बारे में जरूर पढ़ें।
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गणेश शंकर विद्यार्थी सुपर स्पेशलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर युवराज गुलाटी एक न्यूजपेपर को बताते हैं कि महीने में 50 से ज्यादा ऐसे मामले आते हैं, जिन्हें मेंब्रेनस नेफ्रोपैथी कंडीशन होती है। इस कारण से गुर्दे में असामान्य मात्रा में प्रोटीन रिसाव होने लगता है। ब्लड और यूरिन में प्रोटीन का स्तर सामान्य से लगभग 10 गुना अधिक होने से किडनी फेलियर की क्षमता प्रभावित होती है।
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