
नई दिल्ली। 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ब्रिक्स 15 वर्षों में और अधिक परिणाम प्राप्त करे। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जिस विषय को चुना है, वह इस प्राथमिकता को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत द्वारा अपनी अध्यक्षता की अवधि के लिए चयनित विषय 'ब्रिक्स @ 15: निरंतरता, समेकन और सर्वसम्मति के लिए इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग' (BRICS @ 15: Intra-BRICS cooperation for continuity, consolidation and consensus’) है। ये 4 सी (C) हमारी ब्रिक्स साझेदारी के बुनियादी सिद्धांत हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म एक्शन प्लान भी अपनाया है। इस वर्ष COVID की स्थिति के बावजूद, 150 से अधिक BRICS बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें से 20 से अधिक मंत्री स्तर के थे। हमने ब्रिक्स एजेंडा का विस्तार करने की कोशिश की। ब्रिक्स ने इस साल कई उपलब्धियां हासिल की...हमारे जल संसाधन मंत्री पहली बार ब्रिक्स प्रारूप में नवंबर में मिलेंगे।
अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी से नया संकट:पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की वापसी ने एक नया संकट पैदा कर दिया है, और यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा। उन्होंने ब्रिक्स देशों की तारीफ करते हुए कहा कि अफगानिस्तान की ओर हम विशेष ध्यान दे रहे ताकि कोई संकट न उत्पन्न हो। यह अच्छे कारण के लिए है कि हमारे देशों ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है।
पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा न बने इसका ध्यान रखना होगा। यहां आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत विशेष रूप से चिंता करने वाला विषय है।
ब्रिक्स देशों के सहयोग से सहज और ठोस प्रगति कर रहे: जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि हमने व्यावहारिकता, नवाचार और समान सहयोग की भावना से सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में ठोस प्रगति की है। हमने बहुपक्षवाद का समर्थन किया है और समानता, न्याय और पारस्परिक सहायता की भावना से वैश्विक शासन में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत के बाद से, हमारे 5 देशों ने ब्रिक्स सहयोग की गति को बनाए रखा है और कई क्षेत्रों में नई प्रगति हासिल की है। जब तक हम अपने दिमाग और प्रयासों को एकत्रित करते हैं, हम ब्रिक्स सहयोग में सहज, ठोस प्रगति कर सकते हैं, चाहे कुछ भी हो जाए।
इस बैठक में ब्राजील के राष्ट्रपति जाइर बोलसोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामाफोसा उपस्थित हैं।
2016 में भी भारत ने की थी अध्यक्षता
इसके पहले वर्ष 2016 में उन्होंने गोवा शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। इस वर्ष भारत उस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जब ब्रिक्स का 15वां स्थापना वर्ष मनाया जा रहा है।
काम का ब्योरा पेश किया जाएगा
मीटिंग में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल, न्यू डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष मार्कोस ट्रॉयजो, ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अस्थायी अध्यक्ष ओंकार कंवर और ब्रिक्स विमेन्स बिजनेस एलायंस की अस्थायी अध्यक्ष डॉ. संगीता रेड्डी शिखर सम्मेलन में राजाध्यक्षों के सामने साल भर में किये काम काम का ब्योरा प्रस्तुत किया।
शिखर सम्मेलन की विषयुवस्तु
शिखर सम्मेलन की विषयवस्तु ब्रिक्स@15: इंट्रा-ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर कंटीन्यूटी, कॉन्सॉलिडेशन एंड कंसेन्सस (ब्रिक्स@515: अंतर-ब्रिक्स निरंतरता, एकजुटता और सहमति के लिये सहयोग) है। अपनी अध्यक्षता में भारत ने चार प्राथमिक क्षेत्रों का खाका तैयार किया है। इन चार क्षेत्रों में बहुस्तरीय प्रणाली, आंतक विरोध, सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये डिजिटल और प्रौद्योगिकीय उपायों को अपनाना तथा लोगों के बीच मेल-मिलाप बढ़ाना शामिल है। इन क्षेत्रों के अलावा, उपस्थित राजाध्यक्ष कोविड-19 महामारी के दुष्प्रभाव तथा मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
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