मानसून आने पर यहां के खेतों में होता है चमत्कारः जमीन उगलते हैं हीरे, एक किसान पा चुका है 2 करोड़ का डायमंड

Published : Jun 07, 2023, 10:30 AM ISTUpdated : Jun 07, 2023, 11:02 AM IST
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सार

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कुरनूल जिले की सीमा के पास के इलाके के लोगों के लिए मानसून करोड़पति बनने का मौका लेकर आता है। इस दौरान यहां जमीन में हीरे और कीमती पत्थर मिलते हैं। 

अनंतपुर। झुलसाती गर्मी से परेशान लोग इन दिनों आसमान की ओर ताक रहे हैं। सभी को बेसब्री से मानसून (Monsoon Season) के आने का इंतजार है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कुरनूल जिले की सीमा के पास रहने वाले लोगों को एक और वजह से मानसून का इंतजार है। इस इलाके में मानसून बारिश और गर्मी से राहत के साथ ही करोड़पति बनने का मौका लाता है। यहां के खेत बारिश होने पर हीरे उगलते हैं, जिसे खोजने के लिए बड़ी संख्या में लोग कोशिश करते हैं।

अनंतपुर और कुरनूल जिले की सीमा के पास गुंटकल और पाथिकोंडा क्षेत्र में हर साल हीरा मिलने का चमत्कार होता है। इस साल भी ऐसा हुआ है। यहां कि जमीन हीरों और बहुमूल्य रत्नों को खोजने की जगह बन गई है।

एक किसान को मिला दो करोड़ रुपए का हीरा

कुरनूल जिले के मद्दीकेरा मंडल के बेसिनपल्ली में खरीफ सीजन के लिए खेत तैयार कर रहे एक किसान को बड़ा हीरा मिला है। उसने इसे एक व्यापारी को 2 करोड़ रुपए में बेचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्व और पुलिस को इसकी खबर नहीं मिली। इस इलाके में हीरा कारोबारियों का एक सिंडिकेट काम करता है जो किसानों से हीरे खरीदता है और सरकारी अधिकारियों को इसकी खबर नहीं लगती।

विजयनगर साम्राज्य के वक्त सब्जी की तरह बिकते थे हीरे

रायलसीमा को विजयनगर साम्राज्य के दौरान कीमती पत्थरों और हीरों के व्यापार के लिए जाना जाता था। उन दिनों हम्पी के बाजार में हीरे सब्जी की तरह सड़क किनारे बिकते थे। कुरनूल और अनंतपुर जिलों में अब भी बड़ी संख्या में हीरे निकलते हैं। हर साल मानसून के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां खेतों में हीरे खोजते हैं। कुरनूल में तुगली, जोन्नागिरी, मदिकेरे और अनंतपुर जिले के वज्रकरूर में जमीन में दशकों से बारिश के मौसम में कीमती पत्थर मिल रहे हैं।

मानसून के दौरान हीरे क्यों मिलते हैं, इसपर नहीं हुआ है रिसर्च

मानसून के दौरान इस इलाके के खेतों में हीरे और कीमती पत्थर क्यों दिखाई देते हैं, इसपर कोई विशेष रिसर्च नहीं किया गया है। खान और भूविज्ञान के एक अधिकारी ने इस संबंध में रिसर्च की जरूरत पर बल दिया है। 2019 में एक किसान को एक हीरा मिला था। इसे उसने 60 लाख रुपए में बेचा था। 2020 में दो ग्रामीणों को 5 लाख और 6 लाख के दो कीमती पत्थर मिले थे। पिछले साल एक शख्स को एक पत्थर मिला, जिसे उसने 40 लाख में बेच दिया। जोनागिरी क्षेत्र के एक अन्य व्यक्ति को 30 कैरेट का हीरा मिला था। उसने हीरे को एक स्थानीय व्यापारी को 1.2 करोड़ में बेचा था।

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