
मुंबई. घर की छत पर एक इंजीनियर ने कूड़े-कबाड़ और खराब चीजों से एक विमान बनाकर इतिहास रच दिया है। 6 सीट वाला यह विमान कैप्टन की करीब 19 साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है। विमान बनाने वाले का नाम कैप्टन अमोल है जिन्होंने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम से मुलाकात के बाद कैप्टन अमोल लगातार चर्चा में हैं। अमोल के इस विमान के बारे में जानकर लोग हैरान हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर बेकार चीजों से यह विमान बनाया है, जबकि नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरी भी कई साल तक कोशिशें करने और करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इस तरह का विमान नहीं बना सकी है। ऐसे में कैप्टन अमोल का कमाल देखने लायक है।
मुंबई के रहने वाले अमोल ने 18 सालों की मेहनत के बाद इस एयरक्राफ्ट को तैयार किया है। आखिरकार कैप्टन अमोल का विमान अब उड़ान भर सकेगा। 17 नवंबर को एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने अमोल के विमान का रजिस्ट्रेशन कर लिया है। आइए जानते हैं कौन हैं अमोल और उनके एक्सपेरिमेंट की पूरी कहानी-
कौन हैं कैप्टन अमोल-
पायलट अमोल यादव मुंबई के कांदिवली के रहने हैं। वे स्पाइस जेट में काम करते हैं। कैप्टन अमोल अपनी मेहनत से बनाए गए विमान के जरिए आज देश दुनिया में जाने जाते हैं। मेड इन इंडिया है विमान बनाने वाले अमोल ने 19 साल तक मेहनत की है। कैप्टन अमोल को 35,000 करोड़ की डील भी मिली है। अब उनके विमान को स्पेशल परमिट टू फ्लाई मिला गया है जिसके बाद यह विमान हवा में उड़ान भर सकेगा।
अमोल के मुताबिक ये पहला मौका जब किसी भारतीय द्वारा भारत में बनाए हवाई जहाज़ को ये परमिट मिला है। इस परमिट के साथ ही अमोल अब अपने बनाए जहाज़ को उड़ा कर टेस्ट और बाकी फॉर्मलिटीज कर सकेंगे। अमोल ने देश के पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है इसलिए वह चर्चा में हैं।
19 साल की कड़ी मेहनत
अमोल पिछले 19 साल से हवाई जहाज़ बनाने में जुटे हुए थे। पिछले 19 साल में उन्होंने दो हवाई जहाज़ और बनाए थे जो सक्सेसफुल नहीं रहे। पर अमोल ने मेहनत और हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने तीसरा हवाई जहाज बनाया जो कामयाब हो गया। फिर मोदी सरकार के मेक इन इंडिया के तहत अमोल ने भाई के साथ मिलकर 2016 में अपनी एक कम्पनी थ्रस्ट एयरक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड बनाई। मेक इन इंडिया की वजह से अमोल को काफी मदद मिली जिसके बाद विमान रेडी टू गो के लिए तैयार है।
घर की छत पर बेकार सामान से बनाया विमान-
कैप्टन अमोल के विमान में यह खासियत है कि वह उन्होंने किसी बड़ी फर्म में नहीं बल्कि अपने घर की छत पर बनाया है। घर में पड़ी बेकार चीजों को इस्तेमाल में लाकर कैप्टन अमोल ने यह विमान तैयार किया है। यह स्वदेशी विमान पूरी तरह प्रयोग में लाए जाने को तैयार है।
अब 19 सीटर हवाई जहाज बनाएंगे अमोल
कैप्टन अमोल के अब डीजीसीए के टेस्ट और सारी औपचारिकता को पास करने के बाद 19 सीटर हवाई जहाज़ बनाने की ठान चुके हैं। जोकि छोटे शहरों में एयर कनेक्विटी बढ़ाने में मदद करेगा। इसके लिए उन्हें महाराष्ट्र सरकार पूरी सुविधाएं मुहैया करवाएगी। अमोल साल 2005 से बतौर कमर्शियल पायलट काम करते रहे हैं। वो पहले जेट एयरवेज में थे और आजकल स्पाइस जेट में हवाई जहाज उड़ाते हैं। स्दवेशी विमान बनाने के बाद देश दुनिया में अमोल काफी चर्चा में हैं।
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