कोरोना के खिलाफ लड़ाई: कोवीशील्ड प्राइवेट हास्पिटल में 600, जबकि कोवैक्सीन 1200 रुपए में पड़ेगी

Published : Apr 25, 2021, 08:18 AM ISTUpdated : Apr 25, 2021, 08:34 AM IST
कोरोना के खिलाफ लड़ाई: कोवीशील्ड प्राइवेट हास्पिटल में 600, जबकि कोवैक्सीन 1200 रुपए में पड़ेगी

सार

भारत में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच यह अच्छी खबर है कि 1 मई से 18 प्लस के सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। अभी भारत में दो कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। ये वैक्सीन हैं कोवीशील्ड और कोवैक्सिन। केंद्र सरकार ने कंपनियों से वैक्सीन की रेट सावर्जनिक करने को कहा था। इसके बाद कोवीशील्ड और अब कोवैक्सिन के दाम तय कर दिए गए हैं।

नई दिल्ली.  कोरोना संक्रमण की स्पीड को काबू में करने 1 मई से युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जाएगी। 1 मई से 18 प्लस के सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इससे पहले 45 के बीमार और उम्रदराज लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा रही थी। भारत में दो कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। ये वैक्सीन हैं कोवीशील्ड और कोवैक्सिन। केंद्र सरकार ने कंपनियों से वैक्सीन की रेट सावर्जनिक करने को कहा था। इसके बाद कोवीशील्ड और अब कोवैक्सिन के दाम तय कर दिए गए हैं।

जानिए क्या है रेट...
भारत बायोटेक ने शनिवार रात को को अपनी वैक्सीन कोवैक्सिन के रेट सावर्जनिक कर दिए। यह वैक्सीन राज्य सरकारों को 600 रुपए, जबकि प्राइवेट अस्पतालों को 1200 रुपए में मिलेगी। कंपनी इस वैक्सीन को 15-20 डॉलर पर एक्सपोर्ट करेगी। इससे पहले बुधवार को सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड के रेट सार्वजनिक किए थे। यह वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों को 600 रुपए, राज्य सरकारों को 400 रुपए और केंद्र को पहले की तरह 150 रुपए में उपलब्ध होती रहेगी। अभी कंपनी अपने प्रोडक्शन का 50% केंद्र को सरकारी वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए भेज रही है।

कोवैक्सिन का दावा
भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च(ICMR) की पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन को दुनिया को सबसे सफल वैक्सीन माना जा रहा है। फेज-3 के क्लिनिकल ट्रायल्स के बाद कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन 78% प्रभावी है। ट्रायल्स के दौरान जिनको भी यह वैक्सीन लगाई गई, उन पर कोरोना के कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखे। यानी संक्रमण के गंभीर परिणामों को रोकने में यह 100% सफल है। भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन का प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला किया है।  यानी अब यह हर साल 70 करोड़ डोज तैयार करेगी। कंपनी के हैदराबाद और बेंगलुरु स्थित कई प्लांट की प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाई गई है। इसे अपने 100% प्रोडक्शन के लिए कम से कम 2 महीने का समय लगेगा। वित्त मंत्रालय ने कोवैक्सिन का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए भारत बायोटेक कंपनी को 1,567.50 करोड़ रुपए एडवांस देने का ऐलान किया था जुलाई से कंपनी हर महीने 5.35 करोड़ वैक्सीन तैयार करेगी। 

यह भी जानें
भारत में पिछले 24 घंटे में 3,48,979 केस मिले। यानी यहां अब तक 1,69,51,769 लोग संक्रमित हो चुके हैं। एक्टिव केस 26,74,287 हो चुके हैं। यह अच्छी बात है कि पिछले 24 घंटे में 2,15,803 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। लेकिन पिछले 24 घंटे में अब तक की सबसे अधिक मौतें 2,7,61 हुईं।

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