Corona: बिगड़ती स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राष्ट्रीय संकट के वक्त, अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती

Published : Apr 27, 2021, 10:52 AM ISTUpdated : Apr 27, 2021, 01:52 PM IST
Corona: बिगड़ती स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राष्ट्रीय संकट के वक्त, अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती

सार

भारत में लगातार 6वें दिन 3 लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं। देश में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामलों से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया। मंगलवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा, इस राष्ट्रीय संकट के वक्त, ये अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती है।

नई दिल्ली. भारत में लगातार 6वें दिन 3 लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं। देश में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामलों से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया। मंगलवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा, इस राष्ट्रीय संकट के वक्त, ये अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हमें राज्यों की हाईकोर्ट की मदद की जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। इस मामले में हाईकोर्ट्स को भी अहम रोल निभाना है।

इतना ही नहीं कोर्ट ने सरकार से पूछा कि संकट से निपटने के लिए आपका नेशनल प्लान क्या है? क्या इससे निपटने के लिए वैक्सीनेशन मुख्य विकल्प है। इस पर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, हम स्थिति को काफी सावधानी पूर्वक हैंडल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, सरकार हाई लेवल पर इस मसले पर काम कर रही है और परेशानियां दूर करने के लिए प्रधानमंत्री खुद इसे देख रहे हैं। 

गुरुवार तक जवाब दाखिल करे केंद्र, शुक्रवार को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर गुरुवार तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। वहीं, इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी। 

कोर्ट ने इन बिंदुओं पर मांगा केंद्र से जवाब

- ऑक्सीजन की कमी
- आवश्यक दवाओं की कमी
- वैक्सीनेशन का तरीका
- राज्य में लॉकडाउन का फैसला कौन ले?

वैक्सीन की ना हो कमी- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 1 मई से होने वाले वैक्सीनेशन अभियान के इंतजाम की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा, सरकार यह सुनिश्चित करे कि कोवैक्सिन और कोविशील्ड की कमी न हो। केंद्र-राज्य सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल बनाएं जो नागरिकों को सलाह दे सकें। 

क्या हुआ था पिछली सुनवाई में?
इससे पहले इस मामले में 23 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट काफी नाराज आए थे। कोर्ट ने कहा था कि उनका इरादा हाईकोर्ट में चल रहीं सुनवाई को रोकने का नहीं था। बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर दवाइयों और उपकरणों के उत्पादन और आपूर्ति में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने का है। 

एमिकस क्यूरी के दायित्व से अलग हुए हरीश साल्वे
दरअसल, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरीश साल्वे को एमिकस क्यूरी बनाया था। लेकिन कई वकीलों ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी व्यक्त की थी। इशके अलावा साल्वे ने भी इस दायित्व से खुद को अलग कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनुराधा दत्त को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है। 

देश में कोरोना की स्थिति?
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3,23,144 नए मामले सामने आए हैं। अब तक देश में 1,76,36,307 लोग संक्रमित हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 2771 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। देश में  28,82,204 एक्टिव केस हैं। वहीं, अब तक 1,45,56,209 केस सामने आ चुके हैं। 

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