राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंधन संकलन की पहली कॉपी प्राप्त की

Published : Mar 09, 2022, 03:48 PM ISTUpdated : Mar 09, 2022, 03:50 PM IST
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंधन संकलन की पहली कॉपी प्राप्त की

सार

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द(President Ram Nath Kovind) ने आज ( 9 मार्च ) को राष्ट्रपति भवन में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध संकलन "भारतीय संस्कृति में मानवीय जिजीविषा" की पहली प्रति आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं निबंध संकलन की संपादक डॉ अपर्णा द्विवेदी से प्राप्त की। 

नई दिल्ली. राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द(President Ram Nath Kovind) ने आज ( 9 मार्च ) को राष्ट्रपति भवन में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध संकलन "भारतीय संस्कृति में मानवीय जिजीविषा" की पहली प्रति आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं निबंध संकलन की संपादक डॉ अपर्णा द्विवेदी से प्राप्त की। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी नूपुर पाण्डेय, रत्नेश मिश्र और अशोक महेश्वरी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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राष्ट्रपति ने आचार्य द्विवेदी के योगदान को सराहा
भारतीय परंपरा में आधुनिकता और आधुनिकता में परंपरा के अप्रतिम द्रष्टा, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने भाषा विज्ञान, समालोचना, सांस्कृतिक विमर्श, उपन्यास तथा निबंध के क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त किए। संत कबीर को महान साहित्यिक कवि के रूप में प्रतिष्ठित करने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के सानिध्य में उनके योगदान ने हमारी साहित्यिक विरासत को समृद्ध किया है। इस अवसर पर अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में राष्ट्रपति ने कबीर जैसे कवियों के कृतित्व के प्रसार में आचार्य द्विवेदी के योगदान को सराहा। साथ ही उन्होंने जन-संपर्क भाषा के रूप में हिन्दी के प्रसार पर बल दिया।

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स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) के कर्मचारियों ने विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह की शोभा बढ़ाई
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कर्मचारियों ने कार्य-निष्पादन वर्ष 2018 के लिए प्रदान किये गए विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार (वीआरपी) के समारोह में अपनी प्रभावशाली छाप छोड़ी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार तथा पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली भी उपस्थित थे। भारत सरकार द्वारा शुरू किये गए विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक उपक्रमों के श्रमिकों के प्रयासों को पुरस्कृत करना है। कुल 96 पुरस्कार विजेताओं में से 52 पुरस्कार विजेता सेल से जुड़े हुए हैं, जो कुल विजेताओं का लगभग 54% हिस्सा है। सेल के कर्मचारियों ने कार्य-निष्पादन वर्ष 2018 के लिए दिए गए कुल 28 पुरस्कारों में से 11 पुरस्कार जीते हैं, जो कि विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में कुल पुरस्कारों का 39% भाग है।

सेल की अध्यक्ष सोमा मंडल ने पुरस्कार विजेता कर्मचारियों को एक कार्यक्रम में अलग से सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं को बधाई देते हुए मंडल ने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने से हमारे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, समर्पण और उत्कृष्टता की पुष्टि हुई है। मुझे विश्वास है कि हमारे प्रतिभाशाली कर्मचारी सेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस संगठन की संस्कृति ने हमेशा भागीदारी, नवाचार तथा जुनून को प्रोत्साहित किया है। सेल ने हमेशा अपने कर्मचारियों को उनके अंदर छिपी प्रतिभा दिखाने की स्वतंत्रता उपलब्ध कराई है और उन्हें यह जानकर खुशी हो रही है कि इस तरह के एक उल्लेखनीय मंच पर इसे काफी पहचाना जा रहा है।

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