चंद मिनटों में खत्म हो गया हंसता-खेलता परिवार: कोई चीख भी नहीं सका, 4 साल का बेटा मौत के मुंह से बचा जिंदा

Published : Dec 04, 2021, 01:15 PM IST
चंद मिनटों में खत्म हो गया हंसता-खेलता परिवार: कोई चीख भी नहीं सका, 4 साल का बेटा मौत के मुंह से बचा जिंदा

सार

राजस्थान के बीकानेर जिले में हुए एक सड़क हादसे ने चंद मिनटों में एक हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया। घर से निकलते वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि ये उनकी जिंदगी का आखिरी दिन है। इस हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया।   

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर जिले से एक दिल दल दहला देने वाले एक्सीडेंट की खबर सामने आई है। जहां खुशी-खुशी एक परिवार बाइक से जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप ने टक्कर मार दी। जिसमें पति-पत्नी और एक बेटी की मौत हो गई। वहीं एक 4 साल की बच्ची किसी चमत्कार से जान बच गई।

दो साल के बच्चे को छोड़ पूरा परिवार खत्म हो गया
दरअसल, चुरू जिले के परसनेऊ के रहने वाले मंगलाराम नायक अपनी पत्नी मंजू देवी, दो साल की बेटी प्रियंका और  4 वर्षीय बेटा के साथ राजलदेसर से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। जिसमें बेटे को छोड़ पूरा परिवार खत्म हो गया। मासूम बच्चे को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इतना भयानक हादसा कि कोई चीख भी नहीं सका
हादसे की जानकारी लगते ही जब मौके पर स्थानीय लोग पहुंचे तो भयानक मंजर देख वह भी सहम गए। क्योंकि बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो चुकी थी और पूरा परिवार खून से लथपथ हालत में बीच सड़क पर पड़ा था। आलम यह था कि मासूमों की चीखने की आवाज भी नहीं आ रही थी। बस 2 साल के बेटे की सांसे चल रही थीं, बाकि तीन की सांसे थम चुकी थीं। राहगीरों ने पुलिस को बुलाया और शव उठाकर अस्पताल पहुंचाए। गए।

एक पल में बिखर गईं सारी खुशियां...
बता दें कि मृतक मंगलाराम बेहद खुश था क्योंकि वह अपने बच्चों और पत्नी को कपड़े दिलाने के लिए राजलदेसर गया हुआ था। बताया जाता है कि कुछ दिन बाद वह किसी कार्यक्रम में जाने वाले थे। जिसकी तैयारियां वो कर रहे थे। सारी खरीददारी वो कर चुके थे, लेकिन उनको क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिर दिन साबित होगा। बच्चों के नए कपड़े खून के बीच बिखरे हुए पड़े थे।


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