10 interesting facts about amer fort : जयपुर के आमेर किले की भव्यता के पीछे छिपे हैं कई अनसुने राज़। ज़नाना महल से लेकर शीश महल तक, हर कोने में एक कहानी। जानिए इतिहास, विज्ञान और वास्तुकला का अद्भुत संगम।
आमेर किला राजस्थान के महत्वपूर्ण एवं सबसे विशाल किलों में से एक है। यह किला अपनी अनूठी वास्तुशैली और शानदार संरचना के लिए मशहूर है। इसकी आर्कषक डिजाइन और भव्यता को देखते ही बनते है।
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भव्यता के पीछे छिपे हैं कई राज़
जयपुर के आमेर फोर्ट को देखने हर साल लाखों पर्यटक आते हैं, लेकिन इसकी भव्यता के पीछे कई ऐसे राज़ छिपे हैं जो आमतौर पर लोगों को नहीं पता। आमेर सिर्फ एक किला नहीं, बल्कि इतिहास, विज्ञान, वास्तुकला और राजसी रहन-सहन का अद्भुत उदाहरण है।
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति इसे देखने आएंगे
आमेर फोर्ट इसलिए चर्चा में है क्योंकि अगले सप्ताह यहां अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस अपने परिवार के साथ आ रहे हैं । अमेरिका की स्पेशल फोर्स यहां जांच पड़ताल कर चुकी है। जयपुर पुलिस लगातार सुरक्षा बंदोबस्त पर नजर बनाए हुए हैं।
1.ज़नाना महल की रचना अनोखी थी – एक राजा की कई रानियों के लिए अलग-अलग कमरे थे, जो गुप्त रास्तों से राजा के कमरे से जुड़े थे।
2. सुख निवास में नेचुरल एसी सिस्टम – यहां पानी के झरने और चंदन की लकड़ी से ठंडी हवा बनाई जाती थी।
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भूतों की कहानियां भी मशहूर
3. भूतों की कहानियां भी मशहूर – रात में अजीब आवाज़ें सुनने की बात कई लोगों ने कही है।
4. शक्तिशाली दीवारों पर राजनीतिक संकेत – शेर, हाथी और घोड़े की नक्काशी शक्ति, समृद्धि और गति का प्रतीक हैं।
5. बॉलीवुड का फेवरेट शूटिंग लोकेशन – 'जोधा अकबर', 'बाजीराव मस्तानी' जैसी फिल्मों की शूटिंग यहीं हुई।
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शीश महल की चमक आज भी
6. तीन खास दरवाजे – सूरज पोल (हाथियों के लिए), चांद पोल (जनसाधारण के लिए) और जय पोल (विजय के लिए)।
7.शीश महल की चमक आज भी वैसी ही – हजारों शीशों से बना हॉल, जिसमें एक दीया जला देने पर पूरा कमरा रोशन हो जाता है।
8 गुप्त सुरंग जो जयगढ़ तक जाती है – युद्धकाल में सुरक्षित निकलने के लिए इस सुरंग का उपयोग होता था।
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यहां वास्तुकला का चमत्कार
9. महलों में जल संरक्षण का अनोखा सिस्टम – बारिश का पानी एकत्र कर उपयोग किया जाता था।
10. पन्ना मीणा का कुंड – आमेर के पास स्थित यह कुआं भी वास्तुकला का चमत्कार है।
11. बिहारी अमर सिंह का निर्माण योगदान – इस फोर्ट के निर्माण में कई शिल्पियों का योगदान रहा।
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‘चंदा’ और ‘पुष्पा’ से होता है राजसी स्वागत
12. हर कमरे में अलग वास्तुकला – राजपूताना और मुगल शैली का मिश्रण है।
13. हाथी ‘चंदा’ और ‘पुष्पा’ से होता है राजसी स्वागत – विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सजाए जाते हैं चांदी के हौदे और जूलरी से। आमेर फोर्ट सिर्फ इतिहास नहीं, अनुभव है—जो हर बार नई कहानी कहता है।
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