UP के 5446 गो-आश्रय स्थलों में अब 24 घंटे CCTV निगरानी, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Published : Mar 26, 2026, 04:35 PM IST
UP Government Installs 7592 CCTV Cameras in 5446 Cow Shelters for 24 hours Monitoring

सार

उत्तर प्रदेश के 5446 गो-आश्रय स्थलों को अब सीसीटीवी निगरानी से जोड़ा गया है। प्रदेश भर में 7592 कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24×7 गोवंश की सुरक्षा, खान-पान, स्वास्थ्य और साफ-सफाई पर नजर रखी जाएगी। सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना है।

उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को लेकर सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के हजारों गो-आश्रय स्थलों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे गोवंश की सुरक्षा और देखभाल दोनों को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 5446 गो-आश्रय स्थलों को CCTV निगरानी से जोड़ दिया गया है। इन स्थानों पर अब तक 7592 कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिनकी मदद से आश्रय स्थलों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार का दावा है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और लापरवाही रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।

24 घंटे होगी गोवंश की निगरानी

सीसीटीवी सिस्टम लगने के बाद अब इन गो-आश्रय स्थलों की 24×7 निगरानी संभव हो गई है। कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या कमी दिखाई देती है तो प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर सकता है। इससे गोवंश की देखभाल में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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समय पर चारा, पानी और इलाज पर फोकस

प्रदेश के गो-आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश को रखा गया है। ऐसे में उनकी देखभाल सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सीसीटीवी निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पशुओं को समय पर चारा मिले, स्वच्छ पानी उपलब्ध हो और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा भी तुरंत मिल सके।

56 जिलों में कंट्रोल रूम से हो रही मॉनिटरिंग

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के मुताबिक, यह डिजिटल निगरानी प्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत कर रही है। अभी 56 जिलों में कमांड एंड कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है। बाकी 19 जिलों में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए जल्द कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश में एकीकृत और मजबूत निगरानी तंत्र तैयार हो, जिससे गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था बेहतर हो सके।

अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश

राज्य सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। अगर किसी कैमरे में खराबी आती है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए। इसके साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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