
कूच बिहार/जलपाईगुड़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में एक बार फिर आक्रामक अंदाज में प्रचार किया। उन्होंने माथाभांगा और धुपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए राज्य की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब बंगाल की जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बदलाव का समय आ गया है।
सीएम योगी ने लोकसभा में पेश नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की योजना थी, जिसे विपक्षी दलों ने पास नहीं होने दिया। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी का अपमान बताया और कहा कि माताएं-बहनें इसे स्वीकार नहीं करेंगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ दल बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं, जबकि देश की महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती और जनता इसका जवाब देगी।
सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति को अराजक बताया और इसके लिए टीएमसी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर है, लोग भय के माहौल में जी रहे हैं और सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में असफल रही है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है और उद्योगों की स्थिति भी खराब है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के शासन में हजारों कारखाने बंद हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में धार्मिक स्वतंत्रता पर भी असर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जय श्रीराम’ जैसे नारों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक आयोजनों में आने वाली बाधाओं का भी जिक्र किया।
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अब ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा’ की स्थिति है और विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने दावा किया कि यही मॉडल बंगाल में भी लागू किया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन करते हुए कहा कि इससे पड़ोसी देशों से आए पीड़ित लोगों को नागरिकता और अधिकार मिलते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में ऐसे कई परिवारों को भूमि अधिकार और नागरिकता दी गई है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी याद किया। उन्होंने रवींद्रनाथ ठाकुर, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि बंगाल की भूमि ने देश को नई दिशा दी है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे भाजपा प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में डबल इंजन सरकार बनती है, तो बंगाल का विकास तेजी से होगा और पुरानी गौरवशाली पहचान वापस आएगी।
जनसभाओं के दौरान मुख्यमंत्री ने बांग्ला भाषा में संवाद कर लोगों से जुड़ने का प्रयास किया। उन्होंने ‘आमार सोनार बांग्ला’ जैसे शब्दों के जरिए जनता से संवाद किया, जिसका लोगों ने उत्साह के साथ जवाब दिया। इस संवाद ने जनसभा में अलग ही ऊर्जा भर दी और लोगों का उत्साह बढ़ाया।
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