लड़के की चाह में दादी ने चार महीने की पोती को उतारा मौते के घाट, सास- बहू के झगड़े की भेंट चढ़ी मासूम

Published : Jun 27, 2022, 03:01 PM IST
लड़के की चाह में दादी ने चार महीने की पोती को उतारा मौते के घाट, सास- बहू के झगड़े की भेंट चढ़ी मासूम

सार

मेरठ जिले में लड़के की चाह में दादी ने चार महीने की पोती को मौत के घाट उतार दिया। शादी के एक महीने बाद ससुराल में बच्चे को लेकर बात शुरू हो गई। तभी से सास ने कह दिया था कि लड़का चाहिए। अगर भूल से भी लड़की पैदा की तो समझ लेना, उसे भी मार दूंगी तुझे भी नहीं छोड़ूंगी।

मेरठ: उत्तर प्रदेश के जिले मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान होगा। राज्य में बीते दिनों से कई ऐसे मामले देखने को मिले है जहां रिश्ता शर्मसार होता दिखा है। लोग अपनी चाह के आगे रिश्ते को पीछे रख देते है। इसी कड़ी में मेरठ जिले की लिसाड़ीगेट इलाके का मामला है। जहां लड़के की चाह में सास ने अपनी ही पोती को मौत के घाट उतार दिया। पीड़ित बहू ने अपनी सास को लेकर पुलिस में तहरीर दी है। जिसके बाद पुलिस की टीम जांच में लगी हुई है। दरअसल दहेज को लेकर सास अपनी बहू को शादी के सात दिन बात से ताने देने लगती है। इतना ही नहीं उसका यह सिलसिला लगातार चलता रहा। एक साल पूरे हो जाने के बाद सास दहेज में बुलेट की मांग रखती है।

दहेज को लेकर प्रताड़ित करती थी सास
पीड़ित फौजिया ने कहा कि मेरी शादी को ढाई साल हो गए। लेकिन शादी के एक महीने बाद ससुराल में बच्चे को लेकर बात शुरू हो गई। तब मेरी सास ने कहा कि लड़का ही होना चाहिए। इतना ही नहीं वह यह बात अकेले ही नहीं रिश्तेदारों के सामने भी खुलकर बोल देती थी कि अगर भूल से भी लड़की पैदा की तो समझ लेना, उसे भी मार दूंगी तुझे भी नहीं छोड़ूंगी। सास ने अपने बहू से जैसा कहा बिल्कुल वैसा ही किया। 14 जून को सास ने मासूम पोती को जमीन पर पटक दिया। जिसकी वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह दर्द है मेरठ की बेबस मां फौजिया का जिसने 4 महीने की बेटी को खो दिया। 14 जून को सास ने मासूम पोती को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची की मौत हो गई। शहर के लिसाड़ीहेट इलाके में रहने वाली फौजिया ने कहा कि मैंने साफ इनकार कर दिया था कि अपने अम्मी- अब्बू से अब ससुराल के लिए और पैसे नहीं मागूंगी। इसी बात पर सभी के बीच झगड़ा हो गया। जिसके बाद शौहर ने पीटा और सास ने नन्ही जान की हत्या कर दी। चार महीने की बच्चे को खोने के बाद मां के मुंह से अपने सुसरालीजनों के लिए बद्दुआ निकली कि अल्लाह इस पूरे खानदान में कभी चिराग नहीं जलाएगा।

पति को मारने के बाद सास ने भी बहू को मारा
फौजिया ने आगे कहा कि मेरी सास कहती थी कि जिस दिन तूने बेटी पैदा कर दी, समझ लेना घर से तेरा दाना-पानी खत्म हो जाएगा। सास ने जैसे ही बेटी के जन्म होने के बाद उसको मेरे बगल में लेटा देखा तो वो सुलग गई थी। उनका बस चलता तो वो उसी समय मासूम बेटी की हत्या कर देती लेकिन किसी तरह से उस दिन तो मैंने बचा लिया। पर आगे नहीं बचा पाई और 14 जून को मेरी नन्हीं सी जान अपनी ही दादी के हाथों मारी गई। 14 जून को रोजना की तरह सास और शौहर मुझे दहेज के लिए ताने दे रहे थे। ताने की बात इतनी बढ़ गई कि शौहर पीटने लगा। तो मैंने भी कह दिया कि कहां से ले आऊं दहेज में कार? अब्बू के पास कहां से इतने रुपए आएं कि तुम्हें कार दे दें। अभी बेटी के होने पर 2 लाख का सामान और 2 लाख नगद, कुल 4 लाख रुपए दिए थे। इतना ही कहा कि शौहर आग-बबूला होकर पीटने लगा। साथ ही कहता है कि मुंह चलाती है और गालियां देने लगा। इसी दौरान सास भी कमरे में घुस आई। शौहर के बाद सास ने पहले बाल पकड़े और जमकर पीटा। उसके बाद बिस्तर में से उठाकर  बच्ची को पटक दिया। वो नन्हीं सी जान ये मार नहीं सह पाई और खत्म हो गई।

सांस के अत्याचारों को बहू नहीं कर सकती बयां
बेबस मां फौजिसा आगे कहती है कि सास के अत्याचार मैं बयां नहीं कर सकती। मुझे ऐसा एक दिन याद नहीं जिस दिन सास ने दहेज को लेकर ताने नहीं मारे हो। शादी के सातवें दिन से ही सास दहेज को लेकर ताने देने लगी। मेरे माता-पिता ने दहेज में हर समान दिया। नगदी भी रखी, लेकिन सास इतनी लालची है कि इसकी भूख शांत होने का नाम ही ले रही और दहेज को लेकर बोलती रहती है। यह सिलसिला एक साल तक ऐसी ही चलता रहा। लेकिन उसके बाद कहने लगी कि मायके से शौहर के लिए बुलेट मंगा ले। इस बारे में शौहर को बताया तो वो भी अपनी मां के पक्ष हो गया। दोनों मिलकर मुझे मारते-पीटते। बेटी के घर में क्लेश से तंग आकर किसी तरह से माता-पिता ने बुलेट तो दे दी लेकिन सास अब कार चाहती थी। कहां से लाती कार? आगे कहती है कि मेरी सास लड़कियों से इतनी नफरत करती है, जिसकी हद नहीं। ससुराल की मैं सबसे बड़ी बहू हूं। छोटे तीन देवर और एक ननद हैं। ननद भी खानदान में अकेली लड़की है। अब मेरी बेटी पूरे खानदान में पहला बच्चा और वो भी लड़की थी। यही बात सास को खटकती थी कि पहला बच्चा बेटी कैसे पैदा हो गई। बेटा होना था। लड़कियों को दहेज देना पड़ता है, इसलिए सास नहीं चाहती कि घर में लड़की पैदा हो। लड़के होंगे तो दहेज मिलेगा। इसलिए खानदान में कोई लड़की नहीं है। इस पूरे मामले में फौजिया ने सास के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। सास की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

37 दारोगा और 25 सिपाही उन्नाव से आज होंगे रवाना, गैर जनपदों में मिलेगी जिम्मेदारी

बाराबंकी: 4 माह पहले हुए निकाह के बाद पत्नी को तीन तलाक देकर भगाया, रात में 5 किमी पैदल चलकर मायके आई पीड़िता

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

UP Mein Aaj ka Mausam Kaisa Rahega: उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर, आगरा-मेरठ से गोंडा तक तपती गर्मी, राहत के आसार कम
UP Mein Aaj ka Mausam Kaisa Rahega: लखनऊ से प्रयागराज तक गर्मी का कहर, जानें 10 प्रमुख जिलों का मौसम