Dhanteras Panchang 6 November 2026: धनतेरस हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन खरीदी करने का विशेष महत्व है। साथ ही देवी लक्ष्मी की पूजा भी इस दिन की जाती है। अकाल मृत्यु से बचने के लिए यम दीपदान की परंपरा भी शाम की पूरी की जाती है।
Dhanteras 2026 Panchang: 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस है। पांच दिन तक चलने वाले दिवाली उत्सव की शुरुआत इसी दिन से होती है। धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी शुभ चीजों की खरीदारी करना अच्छा माना जाता है। इस दिन शाम को देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के साथ यमराज के नाम से दीपदान भी किया जाता है। आइए जानते हैं धनतेरस पर खरीदारी, पूजा और दीपदान के शुभ समय के साथ पूरे दिन का पंचांग…
धनतेरस 2026 पर खरीदारी के शुभ मुहूर्त
6 नवंबर को खरीदारी के लिए दिनभर कई शुभ समय मिलेंगे। आप अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी मुहूर्त में खरीदारी कर सकते हैं।
- सुबह 7:54 से 9:16 बजे तक
- सुबह 9:16 से 10:38 बजे तक
- दोपहर 12:01 से 1:23 बजे तक
- शाम 4:07 से 5:30 बजे तक
- शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक
ये भी पढ़ें-
Dhanteras Rashifal 6 November 2026: किसे पैसा-किसे प्रमोशन, धनतेरस पर किसे क्या मिलेगा? जानें 12 राशियों का हाल
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस की शाम देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। इस बार पूजा के लिए शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक का समय शुभ रहेगा। यानी पूजा के लिए कुल 1 घंटा 56 मिनट मिलेंगे।
ये भी पढ़ें-
Dhanteras 2026 Deepdan Muhurat: धनतेरस पर 1 घंटे 18 मिनट रहेगा यम दीपदान का मुहूर्त, जानें विधि और मंत्र
धनतेरस पर यम दीपदान का समय
धनतेरस की शाम यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर अकाल मृत्यु का संकट टलता है। इस बार यम दीपदान का शुभ समय शाम 5:33 से 6:51 बजे तक रहेगा।
6 नवंबर 2026 को ग्रहों की स्थिति
शुक्रवार को ग्रहों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा। गुरु और केतु सिंह राशि में, मंगल कर्क राशि में और शनि मीन राशि में स्थित रहेंगे। वहीं सूर्य और बुध तुला राशि में, राहु कुंभ राशि में और शुक्र कन्या राशि में रहेगा।
शुक्रवार को किस दिशा में यात्रा करने से बचें?
दिशा शूल के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। अगर किसी जरूरी काम से इस दिशा में जाना पड़े तो घर से निकलने से पहले जौ या राई खाकर निकलने की मान्यता है।
6 नवंबर 2026 का राहुकाल
शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा। ज्योतिष मान्यता के अनुसार इस समय में कोई भी नया या शुभ काम शुरू करने से बचना चाहिए।
6 नवंबर 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2083
मास: कार्तिक
पक्ष: कृष्ण
दिन: शुक्रवार
ऋतु: शरद
तिथि: द्वादशी सुबह 10:30 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
नक्षत्र: हस्त और चित्रा
करण: तैतिल और गर
योग: विषकुंभ, प्रीति, अमृत और मूसल
सूर्योदय: सुबह 6:38 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:42 बजे
चंद्रोदय: सुबह 3:44 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 3:44 बजे
6 नवंबर 2026 के अशुभ समय
इस दिन कुछ समय ऐसे भी रहेंगे, जिनमें शुभ काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
- यमगण्ड: दोपहर 2:56 से शाम 4:19 बजे तक
- कुलिक काल: सुबह 8:01 से 9:24 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:51 से 9:35 बजे तक और दोपहर 12:32 से 1:16 बजे तक
- वर्ज्यम्: दोपहर 12:35 से 2:14 बजे तक
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।




