Ank Rashifal February 2023: वर्तमान में अंक ज्योतिष भी काफी प्रचलन में है। कहीं न कहीं इस पर वैदिक ज्योतिष का असर भी देखने को मिलता है। इसका मुख्य आधार जन्म तारीख यानी डेट ऑफ बर्थ होती है। इसे अंग्रेजी में न्यूमरोलॉजी भी कहते हैं।
अंक ज्योतिष को अंक शास्त्र और न्यूमरोलॉजी भी कहते हैं। वैसे तो इसे पाश्चात्य विधा माना जाता है लेकिन इस पर वैदिक ज्योतिष का प्रभाव भी देखने को मिलता है। इसमें जन्म तिथि ही मुख्य आधार है, जिसी गणना कर मूलांक, नामांक आदि निकाले जाते हैं।
वर्तमान में भविष्य जानने की कई विधाएं प्रचलित हैं, इनमें से अंक ज्योतिष भी एक है। अंक ज्योतिष पूरी तरह से अंकों पर आधारित है। इसका आधार जन्म तारीख है यानी डेट ऑफ बर्थ। इसी के आधार पर मूलांक, भाग्यांक और नामांक तय किए जाते हैं।
अंक ज्योतिष का चलन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इसकी भविष्यवाणी भी काफी सटीक होती है। अंक ज्योतिष कहीं न कहीं वैदिक ज्योतिष से प्रभावित है क्योंकि 1 से लेकर 9 अंक तक सभी किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अंक ज्योतिष के अनुसार, 1 से लेकर 9 तक सभी अंक किसी न किसी ग्रह से संबंधित हैं। इसलिए ये कहा जा सकता है कि अंक ज्योतिष पर वैदिक ज्योतिष का सीधा प्रभाव है। अंक ज्योतिष को न्यूमरोलॉजी भी कहते हैं। ये भविष्यवाणी भी सटीक होती हैं।
अंकों का हमारे जीवन में काफी अधिक महत्व है। जीवन के हर क्षेत्र में अंक खास भूमिका निभाते हैं। इसलिए अंक शास्त्र का महत्व भी बढ़ता जा रहा है। अंक शास्त्र को न्यूमरोलॉजी भी कहते हैं। अंक शास्त्र का मूल आधार जन्म तारीख होती है।
अंक शास्त्र काफी हद तक सटीक भविष्यवाणी करता है। इसका मुख्य आधार जन्म तारीख होती है। जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर ही मूलांक, भाग्यांक और नामांक निकाले जाते हैं और इसी के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य की गणना की जाती है।
अंक राशिफल से भी भविष्य की सटीक गणना की जा सकती है, इसलिए वर्तमान समय में इसे मानने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अंक राशिफल का मूल आधार जन्म तारीख होता है, इसी के आधार पर गणना की जाती है।
अंक ज्योतिष को ही अंग्रेजी में न्यूमरोलॉजी कहा जाता है। अंक ज्योतिष का मूल आधार जन्म तारीख यानी डेट ऑफ बर्थ होती है। जन्म तारीख को जोड़कर ही मूलांक, भाग्यांग और नामांक निकाले जाते हैं। इसे अंक शास्त्र भी कहा जाता है।
अंक ज्योतिष भी वैदिक ज्योतिष की ही तरह काम करते हैं। इसके माध्मय से भी लोग अपना भविष्य जान सकते हैं। अंक ज्योतिष का मुख्य आधार जन्म तारीख होती है। इसी को जोड़कर मूलांक निकाला जाता है, जिसे लकी नंबर भी कहते हैं।