अंक ज्योतिष में व्यक्ति की जन्म तिथि के आधार पर मूलांक निकालकर उसके भविष्य फल की गणना की जाती है और परेशानियों के उपाय भी बताए जाते हैं। अंग्रेजी में इस विधि को न्यूमरोलॉजी कहते हैं।
अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी के अनुसार, का प्रयोग विशेष रूप से अंकों के माध्यम से व्यक्ति के भविष्य की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है। अंक ज्योतिष में की जाने वाली गणना ज्योतिष शास्त्र में अंकित नव ग्रहों के साथ मिलाप करके की जाती है।
अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का मूलांक उसकी जन्म तारीख का योग होता है। जैसे यदि किसी व्यक्ति का जन्म 04 जुलाई को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 0+4=4 होगा। यानी उस व्यक्ति का मूलांक 4 हुआ।
अंक ज्योतिष का हर व्यक्ति के जीवन पर शुभ-अशुभ प्रभाव देखने को मिलता है। न्यूमरोलॉजी में भी हर एक अंक को ग्रहों से जोड़कर भविष्यवाणी की जाती है। अंक ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को होता है, उनका मूलांक 9 होता है।
अंक ज्योतिष के अनुसार, जिस तारीख को हमारा जन्म होता है वो भी हमारे जीवन पर अच्छा-बुरा असर डालती है क्योंकि उस तारीख को जो योग होता है, वह हमारा मूलांक होता है और किस न किसी ग्रह से संबंधित होता है।
न्यूमरोलॉजी (Numerology) यानी अंक शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति का जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को होता है उनका मूलांक 7 होता है। इस मूलांक का स्वामी केतु बताया गया है, जो कि एक रहस्यमयी ग्रह है।
हर कोई व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहता है। भविष्य जानने की कई विधियां भी प्राचीनकाल से प्रचलन में है। इनमें से कुछ विधियां अधिक पुरानी नहीं है, लेकिन उसके तथ्यों के सिरे से खारिज नहीं किया जाता है।
न्यूमरोलॉजी (Numerology) यानी अंक ज्योतिष के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की जन्म तारीख को जोड़कर उसका मूलांक निकाला जाता है। ये मूलांक ही उस व्यक्ति का लकी नंबर होता है और इसी के आधार पर उसके बारे में भविष्यवाणी की जाती है।
अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी एक आधुनिक विज्ञान है, जिससे किसी भी व्यक्ति के भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इसमें भी अंकों का संबंध ग्रहों से होता है और इसी के आधार पर भविष्य की गणना और नेचर से जुड़ी बातें तय की जाती हैं।
न्यूमरोलॉजी के माध्यम से हम किसी भी व्यक्ति के संभावित भविष्य के बारे में आसानी से जान सकते हैं। वर्तमान में अंक ज्योतिष बहुत ही प्रचलित विधा है। हालांकि ये पश्चिमी देशों से हमारे देश में आई है, लेकिन भारत में भी इसे मानने वाले काफी लोग हैं। इसका जनक कीरो को माना जाता है।