1 अप्रैल, 2023 से रियल ड्राइविंग एमिशन नॉर्म्स देशभर में लागू होने जा रहा है। इसके आने से जहां फायदे हैं तो वहीं कुछ नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। वाहन कंपनियों को अपनी गाड़ियों में बदलाव करना पड़ेगा।

ऑटो डेस्क : सरकार ऑटो सेक्टर में नए नॉर्म लागू करने जा रही है। यही कारण है कि रियल ड्राइविंग एमिशन (RDE) इस दौरान इस सेक्टर में सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। इस नॉर्म्स को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य गाड़ियों से होने वाले पॉल्युशन को कम करना है। आइए जानते हैं रियल ड्राइविंग एमिशन (Real Driving Emission) से जुड़े 5 सवालों के जवाब...

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सवाल-1. रियल ड्राइविंग एमिशन क्या होता है?

जवाब- रियल ड्राइविंग एमिशन BS6 का दूसरे फेज है। पहली बार बीएस6 तीन साल पहले 2020 में लागू किया गया था। दरअसल, अभी तक गाड़ियों से होने वाले पॉल्युशन लेवल को चेक करने के लिए प्रयोगशाला का यूज करना पड़ता था। लेकिन रियल ड्राइविंग एमिशन आने से किसी भी वेहिकल्स की वास्तविक समय में उत्सर्जन स्तर की निगरानी की जा सकती है। इसके लिए इंजन को एडवांस तरह से डिजाइन किया जाता है।

सवाल-2. इस नियम के लागू होने से वाहन निर्माण कंपनियों को क्या-क्या बदलाव करने पड़ेंगे?

जवाब- नए नियम के आने से गाड़ी बनाने वाली कंपनियों को अपने मौजूदा तकनीक को अपडेट करना पड़ेगा। नए नॉर्म के बाद डीजल गाड़ियां महंगी हो जाएंगी। 1 अप्रैल, 2023 से इस नियम के आने के बाद बहुत सी कंपनियां अपनी पुरानी गाड़ियों को बंद कर देंगी और नए इंजन के साथ नई गाड़ियों लॉन्च करेंगी।

सवाल-3. भारत स्टेज एमिशन नॉर्म क्या होता है?

जवाब- रियल ड्राइविंग एमिशन को समझना है तो भारत स्टेज एमिशन नॉर्म्स को समझना चाहिए। दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से रेगुलेटेड भारत स्टेज एमिशन नॉर्म्स ऐसे स्टैंडर्ड हैं, जिनका वाहन निर्माता वाहन एमिशन को कंट्रोल करने के लिए फॉलो करती हैं। इस साल जो नियम लागू होने जा रहा है, वह रियल ड्राइविंग एमिशन के इसी फेज का अपडेटेड वर्जन है।

सवाल-4. रियल ड्राइविंग एमिशन आने से क्या फायदा होगा?

जवाब- 1 अप्रैल, 2023 से लागू होने वाले इस नियम के आने से पॉल्युशन को कम करने में मदद मिलेगा। सड़कों पर ज्यादा प्रदूषण नहीं देखने को मिलेगा। हवा काफी साफ हो सकती है।

सवाल-5. रियल ड्राइविंग एमिशन आने से क्या नुकसान होगा?

जवाब- नए नियम लागू होने से वाहन कंपनियों को पुरानी मॉडल बंद कर नए नॉर्म्स के अनुसार गाड़ियों में बदलाव करना पड़ेगा। इस नियम के आते ही गाड़ियां महंगी हो जाएंगी। जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

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