निसान मोटर कंपनी लागत में कटौती के तहत भारत में अपना निर्माण कार्य बंद कर सकती है। रेनो द्वारा निसान की हिस्सेदारी खरीदने के बाद यह संभावना और भी प्रबल हो गई है।

जापानी कार निर्माता कंपनी निसान मोटर कंपनी दुनिया भर में लागत में कटौती और पुनर्गठन की तैयारी कर रही है। खबर है कि इसके तहत कंपनी भारत में अपना निर्माण कार्य बंद कर सकती है। कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह खबर भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए चिंता का विषय बन गई है।

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जापानी मीडिया योमिउरी शिम्बुन और क्योदो न्यूज़ के हवाले से एचटी ऑटो की रिपोर्ट के अनुसार, निसान दुनिया भर में 7 फैक्ट्रियां बंद करने की योजना बना रही है। इनमें भारत में स्थित फैक्ट्रियां भी शामिल हो सकती हैं। भारत में रेनो-निसान का संयुक्त प्लांट तमिलनाडु के ओरागडम में है, जहां वर्तमान में निसान की इकलौती कार मैग्नाइट का निर्माण होता है।

कुछ हफ़्ते पहले, रेनो ग्रुप ने घोषणा की थी कि वह भारत स्थित रेनो-निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (आरएनएआईपीएल) में निसान की 51% हिस्सेदारी खरीदेगा। इसका मतलब है कि अब प्लांट का पूरा नियंत्रण रेनो के पास होगा। इससे निसान के भारत में अपना निर्माण कार्य बंद करने की संभावना और भी मजबूत हो जाती है।

एक समय निसान को भारत में एक उभरते हुए ब्रांड के रूप में देखा जाता था। लेकिन, पिछले कुछ सालों में इसकी बिक्री में लगातार गिरावट आई है और नए मॉडलों की कमी ने इसे प्रतिस्पर्धा से बाहर कर दिया है। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी कंपनी की मौजूदगी कमजोर है। हालांकि, कंपनी की मैग्नाइट कॉम्पैक्ट एसयूवी भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय हो रही है।

गौर करने वाली बात यह है कि निसान ने हाल ही में भारत में तीन नई कारें लॉन्च करने की योजना की घोषणा की थी। इनमें एक कॉम्पैक्ट एसयूवी, 2025 में लॉन्च होने वाली 7-सीटर एमपीवी और बाद में भारत में विकसित की गई एक इलेक्ट्रिक एसयूवी शामिल है। अगर प्लांट बंद होते हैं, तो ये योजनाएं भी रुक सकती हैं।

निसान का लक्ष्य 500 बिलियन येन (लगभग 28,000 करोड़ रुपये) की लागत में कटौती करना है, जिसके तहत दुनिया भर में 20,000 नौकरियां जा सकती हैं। भारत के अलावा, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और मेक्सिको में दो प्लांट भी बंद होने की कगार पर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निसान की सहयोगी कंपनी निसान शताई कॉर्पोरेशन के तहत जापान में ओप्पामा और हिरत्सुका में दो प्रमुख फैक्ट्रियों को बंद करने पर भी विचार चल रहा है। वाहन निर्माता कंपनी के वैश्विक मुख्यालय के पास कनागावा प्रान्त में स्थित ये फैक्ट्रियां निसान के घरेलू उत्पादन का लगभग 30% हिस्सा बनाती हैं। हालांकि, निसान और निसान शताई ने कहा है कि ये रिपोर्ट्स सिर्फ अटकलों पर आधारित हैं। कंपनी ने कहा कि उसने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।