Petrol vs EV Which is Best for Daily Use: पेट्रोल ₹115 के पार पहुंचने के बाद अब रोज 30 किलोमीटर चलने वालों के लिए EV ज्यादा सस्ता ऑप्शन बनता दिख रहा है। जहां पेट्रोल कार पर हर महीने ज्यादा खर्च हो सकता है, वहीं इलेक्ट्रिक कार का खर्च कम हो सकता है, लेकिन इसे खरीदने फायदे का सौदा है या नहीं, एक्सपर्ट्स से जानिए। 

Petrol vs Electric Car Monthly Cost: पेट्रोल और डीजल के दामों में पिछले 10 दिनों में जो बैक-टू-बैक 4 बार बढ़ोतरी हुई है, उसने आम आदमी की जेब का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। दिल्ली में पेट्रोल जहां ₹102 प्रति लीटर के पार बिक रहा है, वहीं हैदराबाद जैसे शहरों में ₹115 के ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में हर नौकरीपेशा और रोजाना सफर करने वाले इंसान के दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल घूम रहा है, 'क्या अब पेट्रोल गाड़ी खड़ी करके इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ले लेनी चाहिए?' अगर आपका रोजाना का आना-जाना 30 किलोमीटर के आसपास है, तो आपको किसी की बातों में आने की जरूरत नहीं है। हम आपके लिए एकदम आसान और सीधा कैलकुलेशन लेकर आए हैं, जिससे आप खुद तय कर सकेंगे कि आपके लिए कौन-सी गाड़ी सबसे बेस्ट रहेगाी।

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पेट्रोल कार का मंथली खर्च कितना?

मान लेते हैं कि आपके पास एक नॉर्मल पेट्रोल कार है, जो शहर के ट्रैफिक और AC ऑन रहने पर करीब 14 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है। आपका रोज का सफर 30 किलोमीटर का है, तो रोजाना पेट्रोल की खपत करीब 2.14 लीटर होगा। रोज के खर्च की बात करें, तो अगर पेट्रोल का औसत रेट ₹102 मान लें, तो रोज का खर्च हुआ करीब ₹218 हुआ। 30 दिन के हिसाब से आपका सिर्फ पेट्रोल का बिल करीब ₹6,540 बनता है। यह आंकड़ा सालाना ₹78,480 तक पहुंच जाता है।

इलेक्ट्रिक कार का मंथली खर्च कितना आएगा?

अब बात EV की करते हैं। मान लीजिए आपके पास एक सामान्य इलेक्ट्रिक कार है। इसे घर पर चार्ज करने में 1 यूनिट बिजली का खर्च औसतन ₹7 से ₹8 आता है। यह अलग-अलग राज्यों के स्लैब पर निर्भर करता है। एक सामान्य ईवी 1 यूनिट बिजली में शहर के अंदर आराम से 6 से 7 किलोमीटर चलती है। यानी इसका प्रति किलोमीटर का खर्च ₹1.10 से ₹1.30 के बीच आता है। आपका रोज का सफर 30 किलोमीटर है। ₹1.20 प्रति किलोमीटर के हिसाब से रोज का खर्च सिर्फ ₹36 हुआ। महीने (30 दिन) का बिजली का खर्च करीब ₹1,080 आएगा। सालाना बिजली का बिल मात्र ₹12,960 के आसपास बैठेगा।

Petrol vs EV Car: हर महीने कितनी बचत होगी?

अगर आप पेट्रोल छोड़कर ईवी की तरफ जाते हैं, तो हर महीने ₹5,460 (₹6,540-₹1,080) की बचत होगी। हर साल यह बचत ₹65,520 तक पहुंचेगी। ऐसे में हर किसी को लगेगा कि ईवी ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन यहां पर आपको एक समझदारी भरा फैसला लेना होगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक नॉर्मल पेट्रोल कार के मुकाबले उसी लेवल की इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए आपको शुरुआती कीमत (Upfront Cost) के रूप में ₹3 से ₹4 लाख रुपये एक्स्ट्रा देने पड़ते हैं। अगर आपका रनिंग सिर्फ 30 किलोमीटर रोज का है, तो साल भर में आप करीब ₹65,520 बचा रहे हैं। इस हिसाब से ईवी खरीदने में जो आपने ₹3-4 लाख रुपए एक्स्ट्रा लगाए हैं, उसे वसूल (Break-Even) करने में आपको कम से कम 5 से 6 साल का समय लग जाएगा।

EV कार खरीदें कि नहीं?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आपकी गाड़ी रोज सिर्फ 30 किलोमीटर या उससे कम चलती है और आप अपनी मौजूदा पेट्रोल कार से खुश हैं, तो तुरंत नई ईवी पर स्विच करना घाटे का सौदा हो सकता है। लेकिन अगर आप नई गाड़ी खरीदने की सोच ही रहे हैं और आपका रनिंग आने वाले समय में बढ़ने वाला है, तभी ईवी के लिए जाना आपके लिए लॉन्ग टर्म में फायदेमंद रहेगा।

EV लेने से पहले ये 4 बातें जरूर जान लें

  1. घर या ऑफिस में चार्जिंग स्टेशन है या नहीं। अगर नहीं है, तो दिक्कत हो सकती है।
  2. EV कार खरीदना अभी भी पेट्रोल कार से महंगा पड़ता है। इसकी शुरुआती कीमत ज्यादा पड़ती है।
  3. लॉन्ग ड्राइव वालों के लिए हर जगह चार्जिंग की सुविधा नहीं उपलब्ध होती है। हर शहर और हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन अभी नहीं हैं।
  4. अगर आपकी डेली रनिंग ज्यादा है, तभी EV का फायदा जल्दी दिखेगा।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें दिया गया पेट्रोल-डीजल और बिजली की कीमतों का कैलकुलेशन एक सामान्य औसत (औसत माइलेज, घरेलू बिजली दरों और मौजूदा बाजार भाव) पर आधारित है। आपके शहर, गाड़ी के मॉडल, ड्राइविंग की आदतों और राज्य के नियमों के अनुसार यह आंकड़े और आपकी वास्तविक बचत कम या ज्यादा हो सकती है। कोई भी नया वाहन खरीदने या वित्तीय फैसला लेने से पहले कृपया आधिकारिक डीलर्स से पूरी जानकारी और एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।