पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एलजेपी चीफ चिराग पासवान के तेवर शुरू से ही सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा कि चिराग ने नीतीश के विरोध को अपना एजेंडा बना लिया है। सोमवार को गया जिले की शेरगढ़ विधानसभा सीट में नीतीश की रैली से पहले भी एलजेपी चीफ ने कई ट्वीट कर बिहार के मुख्यमंत्री पर राज्य की बर्बादी के आरोप मढ़े और पांच साल के कार्यों का विवरण मांगा।   

असंभव नीतीश हैशटैग के साथ चिराग ने लिखा- "आप सभी के स्नेह आशीर्वाद और साथ से बिहार में जेडीयू से ज़्यादा सीटें लोजपा जीतेगी और #बिहार1stबिहारी1st के संकल्प के साथ नया बिहार और युवा बिहार बनाएगी।" एक दूसरे ट्वीट में लिखा- "पिछले 5 साल में बिहार में अफ़सरों का राज रहा है। सात निश्चय में कोई भी निश्चय पूरा नहीं हुआ। पिछले 5 साल में हुए कार्यों का ब्योरा दें आदरणीय नीतीश कुमार जी।" 

कुर्सी के खेल में बिहारियों को किया बर्बाद 
एलजेपी चीफ ने नीतीश को कुर्सी प्रेमी बताते हुए बिहार की बर्बादी का आरोप लगाया। चिराग ने कहा- "पिछले 5 साल के कार्यकाल पर कुछ नहीं बोलना एक फ़रेब है। बिहार की जनता को जानबूझ के पिछले 5 साल के कार्यों को नहीं बताया जा रहा है। सिर्फ़ कुर्सी के खेल में पिछले 5 साल साहब ने बिहारियों के बर्बाद किए। कोई भी विधायक मंत्री या खुद आदरणीय नीतीश कुमार जी वोट मांगने आए तो पूछिए कि पिछले 5 साल में क्या किया है। नीतीश कुमार जी से पूछिए कि सात निश्चय में कौन-कौन से वादे पूरे किए गए।" 

पिता के श्राद्ध कर्म में व्यस्त 
नीतीश के कार्यकाल की आलोचना के अलावा चिराग ने यह भी कहा कि पांच साल में उन्होंने जो काम किए हैं उसे देखते हुए उनकी पार्टी को दिया गया हर एक वोट बिहार के भविष्य को बर्बाद करेगा। चिराग ने फिलहाल जमीनी कैम्पेन नहीं शुरू किया है। अभी वो पिता रामविलास पासवान के श्राद्ध कर्म में ही व्यस्त हैं। सोमवार को खगड़िया के पैतृक गांव जबकि मंगलवार को पटना में श्राद्ध का कार्यक्रम है। हालांकि पारिवार व्यस्तता के बावजूद इंटरव्यू और सोशल मीडिया के जरिए चिराग जेडीयू सीएम को आड़े हाथ लेने से चूक नहीं रहे हैं। 

चुनाव में एलजेपी का स्टैंड क्या है?
बताते चलें कि एनडीए छोड़ने के बाद चिराग ने जेडीयू कोटे की सभी 122 सीटों पर प्रत्याशी उतारने और चुनाव बाद बीजेपी संग सरकार बनाने की बात कही थी। बीजेपी के कई बागियों को जेडीयू के खिलाफ टिकट भी दिया। हालांकि उन्होंने बीजेपी की भी कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। इसे दोस्ताना फाइट बताया है। लेकिन बीजेपी के दिग्गज नेताओं की आलोचना के बावजूद चिराग अपना स्टैंड बदलते नहीं दिखे। बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया को उन्होंने सीएम नीतीश का दबाव बताया है।

(फाइल फोटो)