पटना। बिहार विधानसभा के चुनाव (Bihar Assembly Polls 2020) में इन बार भले ही सभी पार्टियां भ्रष्टाचार और अपराध का मामला उठा रही हैं मगर सभी आलों ने दागी उम्मीदवारों पर आंख-मूंदकर भरोसा किया है। दूसरे फेज में भी सभी दलों ने दागियों को टिकट देने में नरमी दिखाई है। इस मामले में दूसरे फेज में भी सबसे आगे लालू यादव (Lalu Yadav) की आरजेडी (RJD) ही है। दूसरे फेज में 94 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। 

इन सीटों पर राज्य की 10 प्रमुख पार्टियों की ओर से करीब 437 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से आधे से ज्यादा दागी छवि के प्रत्याशी हैं। 234 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। जबकि सिर्फ 203 प्रत्याशियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पहले फेज की बात करें तो आरजेडी के 42 उम्मीदवारों में से 29 प्रत्याशियों के ऊपर आपराधिक मामले चल रहे हैं। 

ये हैं दूसरे फेज के टॉप 4 दागी प्रत्याशी 
दूसरे फेज में टॉप 4 दागी प्रत्याशियों में सबसे ऊपर दानापुर से आरजेडी प्रत्याशी रीतलाल यादव हैं। रीतलाल की ओर से शपथपत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक उनके ऊपर 14 मामले दर्ज हैं। इसके बाद जेडीयू के नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह का नाम आता है। बोगो पर 13 मामले हैं। मीनापुर से एलजेपी के प्रत्याशी अजय कुमार 12 मामलों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। जबकि कुचायकोट से जेडीयू के अमरेन्द्र कुमार पांडे 11 मामलों के साथ चौथे नंबर पर हैं। आरएलएसपी और वीआईपी जैसे छोटे दलों ने भी दागियों को टिकट बांटे हैं। 

संगीन मामलों में आरोपी 
कई दागी प्रत्याशियों पर संगीन मामले चल रहे हैं। इनमें हत्या के प्रयास, महिलाओं का उत्पीड़न, रंगदारी,  मारपीट, अपहरण, आर्म्स एक्ट, एससी-एसटी उत्पीड़न, बच्चों के साथ यौनाचार, बम विस्फोट जैसे गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज हैं। कुछ प्रत्याशियों पर आचार संहिता का उल्लंघन, सड़क जाम, नाजायज भीड़ जुटाने, जैसे आरोप हैं। 


(फोटो: रीतलाल यादव और अमरेन्द्र पांडेय)