Bihar News: बिहार के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट ने 9 घंटे की ड्यूटी पूरी होने के बाद ट्रेन चलाने से इनकार कर दिया। इसके चलते मालदा-सिलीगुड़ी डीएमयू ट्रेन करीब 3 घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही और सैकड़ों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक लोको पायलट ने ड्यूटी समय पूरा होने के बाद ट्रेन आगे चलाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद डीएमयू ट्रेन करीब तीन घंटे तक प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रही, जिससे सैकड़ों यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे रेलवे नियमों का पालन बता रहे हैं, तो कई यात्री देरी को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।

पहले से ही देरी से चल रही थी ट्रेन

जानकारी के अनुसार डीएमयू ट्रेन संख्या 75719 हर दिन मालदा से सुबह करीब 6:35 बजे सिलीगुड़ी के लिए रवाना होती है। इस ट्रेन से बड़ी संख्या में दैनिक यात्री सफर करते हैं, जिनमें व्यापारी, मजदूर और नौकरीपेशा लोग शामिल होते हैं। बताया जा रहा है कि जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन ट्रेन पहले से ही करीब तीन घंटे की देरी से चल रही थी। इसी देरी का असर आगे जाकर ठाकुरगंज स्टेशन पर देखने को मिला।

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ठाकुरगंज पहुंचते ही लोको पायलट ने रोक दी ट्रेन

जब ट्रेन दोपहर करीब 2:52 बजे ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची, तब तक लोको पायलट की 9 घंटे की ड्यूटी पूरी हो चुकी थी। ऐसे में उन्होंने रेलवे नियमों का हवाला देते हुए ट्रेन को आगे ले जाने से इनकार कर दिया और ट्रेन को स्टेशन पर ही खड़ा कर दिया।

समझाने पहुंचे गार्ड और स्टेशन मास्टर

ट्रेन रुकने के बाद गार्ड और स्टेशन मास्टर ने लोको पायलट से बात की और उनसे सिलीगुड़ी तक ट्रेन ले जाने का अनुरोध किया। लेकिन लोको पायलट ने साफ कहा कि वह पहले ही दालखोला स्टेशन से मेमो दे चुका था कि उसकी ड्यूटी समय सीमा पूरी होने वाली है। अगर ट्रेन समय पर चलती, तो वह अपने गंतव्य तक पहुंच जाता। इसके बाद लोको पायलट अपना सामान लेकर ट्रेन से उतर गया।

तीन घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन

लोको पायलट के उतरने के बाद ट्रेन करीब तीन घंटे तक ठाकुरगंज स्टेशन पर खड़ी रही। इससे प्लेटफॉर्म नंबर 1 भी प्रभावित रहा। ट्रेन में सिलीगुड़ी, किशनगंज और आसपास के इलाकों में जाने वाले सैकड़ों यात्री मौजूद थे। लंबे इंतजार के कारण कई यात्रियों ने नाराजगी भी जताई।

क्या कहते हैं रेलवे के नियम?

रेलवे नियमों के अनुसार किसी भी लोको पायलट से लगातार 9 से 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं ली जा सकती। इसके बाद उन्हें आराम देना जरूरी होता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नियम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, ताकि थकान की वजह से ट्रेन संचालन में कोई जोखिम न हो।

दूसरे लोको पायलट के आने के बाद चली ट्रेन

रेलवे सूत्रों के मुताबिक ठाकुरगंज स्टेशन पर तुरंत दूसरा लोको पायलट उपलब्ध नहीं था, जिसकी वजह से ट्रेन को लंबा इंतजार करना पड़ा। इस दौरान पीछे से आई दूसरी ट्रेन में कुछ यात्री सवार होकर सिलीगुड़ी के लिए रवाना हो गए। बाद में सिलीगुड़ी से दूसरे ड्राइवर के पहुंचने के बाद डीएमयू ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

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