पटना। विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में इस बार नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का कार्यकाल कसौटी पर है। नीतीश एनडीए (NDA) मेन हैं और इसे छोड़ दिया जाए तो हर दल उनके नेतृत्व पर सवाल कर रहा है। आरजेडी (RJD) के नेतृत्व में महागठबंधन (महागठबंधन) सबसे ज्यादा मुखर नजर आ रहा है। पार्टी ने दावा किया है कि नीतीश सरकार के कार्यकाल में राज्य का एजुकेशन सिस्टम बर्बाद हो चुका है। 

एक इन्फोग्राफ ट्वीट कर आरजेडी ने लिखा- "नीतीश ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। यह बिहारवासी यूं ही नहीं कहते। कॉलेजों में हर सत्र 2 से 5 साल पीछे। हर परीक्षा में धांधली। शिक्षक नदारद। शिक्षा गायब। बिहार में अब विद्यालयों का मतलब है- जैसा तैसा भ्रष्टाचार पीड़ित खाना खाओ, बिना पढ़े घर जाओ।"

आरजेडी ने बदलाव के लिए गिनाई वजह 
आरजेडी ने जो इन्फोग्राफ साझा किया है उसमें राज्य में शासन का बदलाव के लिए कथित बदहाल एजुकेशन सिस्टम को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। आरजेडी ने दावा किया है- 1175 स्कूल बिना बच्चों के चलते हों, 5000 पंचायतों में सेकेंडरी स्कूल न हो, 14 प्रतिशत स्कूल प्राइवेट मैनेजमेंट से चलते हों, 97 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर न हो तो क्या आप नहीं चाहते कि बदलाव (बिहार में) हो। एजुकेशन सिस्टम को लेकर आरजेडी ने कई और दावे किए हैं। 

हर दूसरा परिवार कर रहा पलायन 
इससे पहले सोमवार को वजीरगंज की सभा में तेजस्वी यादव ने पलायन का बड़ा मुद्दा उठाया। तेजस्वी ने दावा किया कि न सिर्फ रोजी-रोजगार बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए भी लोग पलायन कर रहे हैं। महागठबंधन के सीएम फेस ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ सालों में सरकार के विकास विरोधी रवैये की वजह से बिहार में हर दूसरा परिवार पलायन कर रहा है। आरजेडी के महागठबंधन में कांग्रेस और तीन वाम दल हैं।