पटना। एलजेपी के संस्थापक और पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की कैबिनेट में मंत्री रहे रामविलास पासवान (RamVilas Paswan) का पिछले दिनों 8 अक्तूबर को निधन हो गया था। वो लंबे वक्त से बीमार थे। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हार्ट सर्जरी भी हुई थी। लेकिन पासवान को बचाया नहीं जा सका। पटना के दीघा घाट में मुखाग्नि देते हुए बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने अंतिम संस्कार किया था। अब खगड़िया के पैतृक गांव में पासवान का श्राद्ध कर्म हो रहा है। इसमें पीएम मोदी समते देशभर के तमाम नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है। 

श्राद्ध में पीएम मोदी के अलावा सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, डिप्टी सीएम सुशील मोदी समेत देशभर के कई दिग्गज नेताओं को भी न्योता भेजा गया है। रामविलास से जुड़े रहे नेताओं और सांसदों को भी बुलाया गया है। खगड़िया के पैतृक गांव के अलावा पटना में पासवान के आवास पर भी श्राद्ध कर्म होगा। पटना में मंगलवार को श्राद्ध कार्यक्रम है। 

चिराग ने मुंडाया सिर 
पिता को मुखाग्नि देने वाले चिराग पासवान विधि विधान से श्राद्ध कर रहे हैं। पिछले दिनों पटना में उन्होंने पिंडदान किया था। उसके पिता के निधन के 10वें दिन सिर मुंडाया। पटना के एलजेपी कार्यालय में 20 अक्तूबर को श्राद्ध कार्यकम की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 

खगड़िया में है पासवान का पैतृक गांव 
रामविलास का पैतृक गांव खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में हैं। पैतृक गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री की तलाक़शुदा पत्नी राजकुमारी देवी अकेले रहती हैं। बताते चलें कि पासवान ने दो शादियां की थीं। पहली शादी राजकुमारी से 1960 में जबकि पहली पत्नी को तलाक देकर 1983 में दूसरी शादी रीना पासवान से की थी। पहली पत्नी से दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। दूसरी पत्नी से बेटे चिराग के अलावा एक बेटी है। 


फोटो : पिता के पिंडदान की क्रिया करते चिरगा पासवान।