नीतीश को लिखे एक ओपन लेटर में तेजस्वी ने लिखा- कुछ दिन पहले पूर्णिया में सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता (शक्ति मलिक) की जघन्य हत्या की गई। व्यस्तता की वजह से मुझे देर से तमाम मामलों की जानकारी मिली।

पटना। आरजेडी के बागी नेता शक्ति मलिक की हत्या का मामला बिहार में राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके भाई को भी नामजद किया गया। अब तेजस्वी ने ओहली बार केस को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुला चैलेंज भी दिया है। 

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नीतीश को लिखे एक ओपन लेटर में तेजस्वी ने लिखा- कुछ दिन पहले पूर्णिया में सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता (शक्ति मलिक) की जघन्य हत्या की गई। व्यस्तता की वजह से मुझे देर से तमाम मामलों की जानकारी मिली। एक प्रेरित एफआईआर में मुझे और मेरे बड़े भाई को नामजद किया गया।" नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- नीतीश जी आप शक्ति मालिक हत्याकांड की जांच जिस देशी-विदेशी जांच एजेंसी से करावना चाहे करा लें। मैं तैयार हूं। 

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बिहार पुलिस की साख पर उठाया सवाल 
तेजस्वी ने जेडीयू और नेताओं पर आधारहीन टिप्पणियां करने का आरोप भी लगाया। बिहार पुलिस की साख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, "पीड़ित परिवार को जल्दी न्याय मिले और दूध का दूध और पानी का पानी हो। आपसे आग्रह करता हूं कि इस मामले की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की किसी भी एजेंसी से अविलंब जांच कराने की अनुशंसा करें।" 

चुनाव लड़ने वाले थे शक्ति मालिक 
बताते चलें कि शक्ति मालिक आरजेडी की एससी/एसटी ईकाई में पदाधिकारी थे। कहा गया कि उन्होंने आरजेडी छोड़ दी थी और निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के मामले में तेजस्वी-तेजप्रताप और कई अन्य लोगों के खिलाफ नामजद एफ़आईआर हुई है।