मामला आरा शहर के नगर थाना क्षेत्र के शीतल टोला मोहल्ले का है। 10 जून 2021 को रामावती देवी ने शराबी बेटे से तंग आकर नगर थाना को फोन कर सूचना दी थी। रामावती का बेटा आदित्य राज उर्फ बिट्टू शराब के नशे में मां और बाप के साथ मारपीट कर रहा था। 

आरा। बिहार (Bihar) में एक मां ने अपने शराबी बेटे को कोर्ट से सजा दिलाई है। ये बेटा शराब पीकर माता-पिता के साथ मारपीट करता था और रुपए भी छीन लेता था। परेशान मां ने कोर्ट की शरण ली और सबूत भी दिए। मामले में आरा सिविल कोर्ट (Arrah Civil Court) के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह उत्पाद के विशेष न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने सोमवार को शराबी बेटा को दोषी पाया और पांच साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। बिहार में शराबबंदी के बाद इस तरह की सजा का ये पहला मामला है।

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मामला आरा शहर के नगर थाना क्षेत्र के शीतल टोला मोहल्ले का है। 10 जून 2021 को रामावती देवी ने शराबी बेटे से तंग आकर नगर थाना को फोन कर सूचना दी थी। रामावती का बेटा आदित्य राज उर्फ बिट्टू शराब के नशे में मां और बाप के साथ मारपीट कर रहा था। नगर थाना पुलिस ने शराबी बेटे को नशे की हालत में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पीड़ित मां ने पुलिस से शिकायत की थी कि बेटा शराब के नशे में हमेशा घर पर आकर पैसे छीन लेता है और मारपीट करता रहता है। मां ने ये भी आरोप लगाया था कि बेटा उन्हें जबरन कमरे में बंद कर देता है।

मां के साथ आए 3 गवाह, बेटे देखता रह गया
लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि ट्रायल में अभियोजन की तरफ से तीन गवाह पेश किए गए। इस केस में अभियुक्त की मां रामावती देवी ने गवाही दी। साथ ही पुलिस की तरफ से मजहर हुसैन और अनुसंधानकर्ता नीता कुमारी ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। शराबी बेटे के पक्ष में कोई भी सामने नहीं आया। यहां तक कि दोस्तों ने भी साथ नहीं दिया और वह कठघरे में खड़ा देखते ही रह गया। राजेश के अनुसार, रामावती देवी ने पहले अपने बेटे के शराब की लत छुड़ाने की हरसंभव कोशिश की थी। उसे डॉक्टर के पास दिखाया, दवा भी कराई। इसके बावजूद बेटे की शराब की लत नहीं छूट सकी। नशे में अक्सर मारपीट और गाली-गलौज से तंग आकर मां को ये कड़ा फैसला लेना पड़ा।

ये सजा सुनाई गई
आदित्य राज उर्फ बिट्टू को उत्पाद अधिनियम 37 सी के तहत पांच वर्ष की सश्रम कैद भुगतना होगा। इसके साथ ही एक लाख रुपए अर्थदंड, भादवि की धारा 379 के तहत दो साल की कैद, 323 के तहत पांच माह की कैद और 341 के तहत एक माह की कैद की सजा सुनाई। ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

पहली बार मां ने बेटे को सजा दिलाई
बिहार में शराबबंदी होने के बाद से ये अब तक का अनोखा मामला है। ये पहला मामला भी है, जिसमें एक मां ने अपने बेटे को शराब पीकर परेशान किए जाने पर 5 साल की सजा दिलाई है। कहा जा रहा है कि एक मां ने अपने बेटे को सही दिशा दिखाने के लिए ना सिर्फ अदालत की शरण ली, बल्कि उसे सजा दिलाकर समाज के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत किया है।

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