तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को ट्वीट कर लिखा कि बिहार में पिछले तीन दिनों में ही जहरीली शराब से 50 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रशासन, शराब माफिया पर कार्रवाई करने की बजाय पीने वालों को सबक सिखाने की धमकी दे रहे हैं। 

पटना : बिहार (bihar) में शराबबंदी के बावजूद तीन दिन में हुए कई मौतों ने सियासी पारे को गरमा दिया है। नीतीश सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (nitish kumar) को घेरने में जुट गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने ट्वीट कर सीएम पर निशाना साधा और लिखा कि मुख्यमंत्री दोषियों पर एक्शन लेने की बजाय पीने वालों को धमका रहे हैं। बता दें कि प्रदेश के दो जिलों में तीन दिन में जहरीली शराब से 33 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 की हालत गंभीर है। मरने वालों में 18 लोग गोपालगंज के थे। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर है। इनमें 3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। पश्चिम चंपारण में 15 मौतें हुई हैं जबकि 4 लोगों की हालत गंभीर है।

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3 दिन, 50 मौत और मुख्यमंत्री धमका रहे हैं
जहरीली शराब पीने से सूबे में मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार राज्य सरकार पर हमलावर हैं। तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव ने लिखा है कि बिहार में पिछले तीन दिनों में ही जहरीली शराब से 50 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रशासन, शराब माफिया पर कार्रवाई करने की बजाय पीने वालों को सबक सिखाने की धमकी दे रहे हैं। तेजस्वी ने इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वीडिया भी ट्वीट किया है। गुरुवार को राष्टीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर हमला किया था।

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क्या कहा था नीतीश कुमार ने
जहरीली शराब से हुई मौतों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि गड़बड़ चीज पीएंगे, तो यही होगा। कितना मना करने के बाद भी पीते हैं। साल 2016 से हमने शराबबंदी को सख्ती से लागू किया हुआ है। ज्यादातर लोग शराबबंदी के पक्ष में है। चंद लोगों से अपील है जो पीते हैं मत पीजिए। कुछ तो गड़बड़ होगा ही। कुछ लोगों की गड़बड़ी करने की प्रवृत्ति होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ करने वाले चंद लोगों को सजा मिलती है। जेल भी जाते हैं। लोगों से आग्रह कि इससे दूर रहें। शराबबंदी पर कुछ लोग मेरे खिलाफ बोलते हैं लेकिन चिंता नहीं है।

चिराग पासवान भी हमलावर
इससे पहले जमुई सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने भी बिहार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। चिराग पासवान ने ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार से सवाल पूछा और उन पर हमला किया कि आखिर जहरीली शराब से हुई मौत का जिम्मेदार कौन है?

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शराबबंदी के बावजूद मिल रही शराब
बता दें कि अप्रैल 2016 बिहार में शराबबंदी लागू हुई थी। लेकिन महाराष्ट्र (Maharashtra), तेलंगाना (Telangana) और गोवा (Goa) की तुलना में बिहार में शराब की खपत आज भी ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि बिहार के शहरी क्षेत्र की महिलाएं भी शराब की शौकीन हैं। शराबबंदी से पहले बिहार में शराब की करीब 6 हजार दुकानें थीं और सरकार के खजाने में इससे करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपया आता था। इसके बाद 5 अप्रैल, 2016 को बिहार देश का ऐसा पांचवां राज्य बन गया जहां शराब पीने और जमा करने पर बैन लग गया लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं हो पाया है।

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