त्रिवेणीगंज में 26 साल पहले विधायक ने तीन सहयोगियों की मदद से लड़की को घर से उठा कर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था। फैसाला आने के बाद विधायक का एक सहयोगि फरार हुआ, दूसरी की हो चुकी है मौत है।

सुपौल।  त्रिवेणीगंज के पूर्व विधायक योगेंद्र सरदार सहित चार लोगों को अदालत ने 26 साल बाद बहुचर्चित गैंगरेप का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे-3 रविरंजन मिश्र की कोर्ट ने पूर्व विधायक को अलग-अलग धारों में सवा तीन लाख रूपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने जुर्मान नहीं भरने की सूरत में छह साल का अतिरिक्त कारावास दिया है।
16 नवंबर 1994 की अाधी रात लड़की को घर से उठाया
पूर्व विधायक योगेंद्र व उनके तीन सहयोगियों ने 16 नवंबर की रात को लड़की को घर से उठाया और फिर गैंगरेप किया। इस दौरान लड़की ने विधायक के नाजुक अंग को काट लिया था। घटना के बाद पीड़िता ने त्रिवेणीगंज थाना में आवेदन देकर शंभू सिंह, भूपेंद्र सरदार, योगेंद्र नारायण सरदार, उमा सरदार, रामफल यादव और हरिलाल शर्मा उर्फ हरिनारायण शर्मा को नामजद किया। सुनावई पूरी होने तक उन आरोपियों में से एक रामफल यादव की मौत हो चुकी है और हरिलाल शर्मा अब फरार हो चुका है।
योगेंद्र जनता दल से त्रिवेणीगंज के थे विधायक
साल 1994 में दोषी पूर्व विधायक योगेंद्र सरदार जनता दल के त्रिवेणीगंज विधायक थे। इस दौरान 16 नवंबर 1994 की रात ठीक 12 बजे विधायक ने अपनी मां के पास सो रही लड़की का अपहरण कर लिया था और अपने सहयोगियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। घटना के बाद मेडिकल टीम ने विधायक के नाजुक अंग पर जख्म के निशान पाए और अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था।

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