चीन से फैले जानलेवा कोरोना वायरस का खौफ किस कदर लोगों में घर कर रहा है, इसका एक उदाहरण बिहार के औरंगाबाद जिले से सामने आया है। जहां कोरोना से मौत की अफवाह पर जवान बेटे की लाश छोड़कर परिजन भाग गए। 

औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद सदर अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई। जिसके बाद यह अफवाह फैल गई युवक की मौत कोरोना वायरस से हुई है। इस अफवाह ने रिश्तों की अहमियत की भी मार डाला। अफवाह फैलते देर नहीं हुई कि परिजन जवान बेटे की लाश हॉस्पिटल में ही छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। परिजन भी संक्रमित होने की भय से लाश को अस्पताल में ही छोड़कर भाग खड़े हुए। लोगों के समझाने के बाद घर वाले लाश ले जाने के लिए वापस आए। मामले में अस्पताल प्रशासन की उदासीनता भी सामने आई। जगह न होने की बात कहकर युवक की लाश को खुले रास्ते पर छोड़ दिया गया। 

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जहानाबाद का रहने वाला था मृतक 
मृतक युवक का नाम बंटी कुमार है, जो जहानाबाद का निवासी था। हरिकिशन साव का पुत्र बंटी एक सगाई समारोह में कैमरामैन के तौर पर वर पक्ष की और से पहुंचा था। जहां गुरुवार को अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। तबियत बिगड़ने के बाद उसे औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर को जो लक्षण बताए उसके आधार पर डॉक्टर ने कोरोना वायरस के लक्षण होने का हवाला दिया। हालांकि सिविल सर्जन ने डॉक्टर के दावे को खारिज किया है।

डॉक्टर के बयान पर मची खलबली
सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर के बयान के बाद पूरे हॉस्पिटल कैंपस में खलबली मच गई। कोरोना वायरस से मौत की अफवाह के बाद आनन-फानन में जिला और अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और सिविल सर्जन ने पैनिक कंट्रोल करने के लिए प्रेसवार्ता की। सिविल सर्जन ने मीडिया कर्मियों को बताया कि अभी युवक के मौत की वजह का खुलासा नहीं हुआ है और सटीक तौर पर मौत के कारण कोरोना वायरस को नहीं बताया जा सकता है। लेकिन इस घटना ने यह दिखा दिया सभी को अपने जीवन से कितना लगाव है। भला कल तक जिसकी कमाई खा रहे थे, उसकी लाश को परिजन छोड़ गए कैसे भाग गए।