शनिवार को पटना में शराब पीते पकड़े गए पुलिस के जवान ने अपने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए महकमे में सनसनी फैला दी है। जवान का आरोप है कि पैसा नहीं देने पर उसे फंसाया गया।  

पटना। शराबबंदी के कड़े कानून के बाद बिहार में शराब के नाम पर किस तरह से धांधली की जाती है, उसका एक नमुना राजधानी पटना से सामने आया है। पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में शनिवार को शराब पीते एएसआई लालू यादव सहित तीन जवान रंगेहाथ पकड़े गए थे। अब पकड़े गए पुलिस के जवान ने अपने विभाग के सीनियर अधिकारियों पर आरोप लगाकर पुलिस महकमे की हलचल बढ़ा दी है। पकड़े गए एक जवान ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर के ड्राइवर ने हमसे 2 लाख रुपए की मांग की थी। जब हमने पैसे देने से इंकार किया तो हमे फंसा दिया गया है। 

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वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई जाएगी जांच
हालांकि मामले की जांच में जुटे पाटलिपुत्र थाने के एसएचओ कामेश्वर प्रसाद सिंह का कहना है कि तीनों जवानों का ब्रेथ एनेलाइजर पर टेस्ट लिया गया है। तीनों के ग्लास में अल्कोहल के अंश मिले है। फारेंसिक साइंस लैब की टीम भी इसकी जांच करेगी। वे लोग जो भी आरोप लगाना चाहते है, लगा सकते है। मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। दूध का दूध और पानी का पानी जांच में साफ हो जाएगा। बताते चले कि शुक्रवार को शराब पीते तीनों जवानों के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस विभाग की किरकिरी हुई थी। 

शराबबंदी के बाद भी रोज हो रही गिरफ्तारी
सवाल उठाए जाने लगे थे कि जब शराबबंदी को लागू कराने वाले जवान ही खुलेआम इसका सेवन करेंगे तो आम नागरिक से क्या उम्मीद की जा सकती है। बता दें कि बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है। यहां शराब पीना, बेचना अथवा निर्माण करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बाद भी हररोज अलग-अलग जिलों से शराब की खेप अथवा शराब पीकर हंगामा करते हुए लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। कई जिलों से अलग-अलग समय पर पुलिस सहित सरकारी कर्मचारियों को भी शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया है।