बिहार में राजद, कांग्रेस, रालोसपा, हम और वीआईपी के गठबंधन में विपक्षी महागठबंधन है। पांचों पार्टियों ने मिलकर लोकसभा चुनाव 2019 लड़ा था। विधानसभा चुनाव में भी पांचों के साथ चुनाव लड़ने की चर्चा है। हालांकि सीट बंटवारे और सीएम फेस पर पार्टियों के बीच महाभारत शुरू हो चुकी है। 

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी महागठबंधन का कुनबा बिखड़ता नजर आ रहा है। राजद, कांग्रेस, रालोसपा, हम और वीआईपी के मेल से बना महाठबंधन में सभी पार्टियां अलग-अलग सीट संख्या पर दावा ठोंक रहे हैं। बिहार के पूर्व मुख्ममंत्री और हिन्दूस्तान अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि हमारी पार्टी के पास 85 सीटों पर चुनाव लड़ने की हैसियत है। वहीं उन्होंने यह भी साफ किया कि महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के उम्मीदवार नहीं है। बता दें कि कांग्रेस ने भी तेजस्वी की बतौर सीएम उम्मीदवारी को नकारा है। 

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पांचों दल मिल-बैठ तय करेंगे सीएम फेसः मांझी
जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारियों के साथ बैठक के बाद जीतन राम मांझी ने कहा कि हम 80-85 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। इन सभी सीटों पर हमारी पार्टी मजबूत है। हम इस सीटों से जीतने का माद्दा रखते हैं। सीएम फेस पर मांझी ने कहा कि इसका फैसला पांचों पार्टियों की समन्वय समिति की बैठक में तय होगी। मांझी ने कहा कि पांचों सहयोगी दल आपस में मिल-बैठकर इसका फैसला करेंगे। उन्होंने राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बयान पर कहा कि ऐसे बयानों से महागठबंधन कमजोर होता है। बेहतर होगा कि समन्वय समिति बनने और उसकी बैठक के फैसला होने तक ऐसे बयानों से बचा जाए। 

लालू समन्वयक और तेजस्वी सीएम फेसः जगदानंद सिंह
बता दें कि राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा था कि महागठबंधन के समन्वयक लालू प्रसाद यादव और मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव है। उनके इस बयान के बाद महागठबंधन के नेताओं में बचैनी है। कांग्रेस ने उनके बयान का खंडन किया है। उल्लेखनीय हो कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए अक्टूबर-नवंबर 2020 में चुनाव होना है। अभी चुनाव में आठ-नौ महीनों का समय बाकी है। लेकिन सभी पार्टियां अपना-अपना दावा मजबूत करने में जुट चुकी है।