पटना के जू में तमिलनाडू से लाए गए टाइगर और टाइग्रेस के जोड़ें के कारण 4 नए मेहमान शामिल हुए है। ये चार नन्हें शावक चिड़ियाघर आने वाले सैलानियों का मन मोह लेते है। इनके कारण जू में टाइगर की संख्या 5 से बढ़कर 9 हो गई है। जू प्रशासन चारों शावकों की स्थिति पर सीसीटीवी से नजर रखे हुए है।

पटना: बिहार के पटना जिलें स्थित जू में बाघों की संख्या पांच से बढ़कर नौ हो गई है। जू में चार नन्हें मेहमान आए हैं। बाघिन संगिता ने इन शावकों को जन्म दिया है। नन्हें मेहमानों के आने से जू प्रशासन के साथ-साथ जू घूमने आने वाले लोग भी उत्साहित हैं। नए शावकों को देखने के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। जू प्रशासन द्वारा नन्हे शावकों का नामकरण 29 जुलाई को इंटनेशनल टाइगर डे पर किया जाएगा। जानकारी हो कि शावकों के माता-पिता नकुल और संगिता को वर्ष 2019 में तमिलनाडू के अरिनगर अन्ना जुलॉजिकल पार्क से पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क यानि पटना जू लाया गया था।

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चारों शावक है स्वस्थ्य, मां के साथ मस्ती करते दिख रहे 
चारों शावक स्वस्थ्य है। चारों को जमकर खेलकूद करते देखा जा रहा है। वे अपने मां के साथ मस्ती करते दिख रहे है। इनमें दो का रंग सफेद है जबकि दो का रंग सामान्य बाघों की तरह है। शावकों की मां उनका अच्छे से ख्याल रख रही है। जबकि जू प्रशासन भी शावकों पर लागातर नजर रखे है। सीसीटीवी कैमरे के जरिए 24 घंटे नए मेहमानों पर जू प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। पटना जू में चार नए मेहमानों के आने से यहां बाघों की संख्या 5 से 9 हो गई है। पहले जू में पांच बाघ और बाघिन थे। 

पटना जू में इससे पहले भी जन्म ले चुके हैं शावक
पटना जू में इससे पहले भी शावकों का जन्म हो चुका है। वर्ष 2012 में स्वर्णा नामक बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था। हालांकि तीनों शावकों की मौत हो गई थी। इसके बाद इस जू में चार शावकों का जन्म हुआ था। इनमें तीन शावकों की मौत हो गई थी। अभ यहां जन्मे तार नए शावकों को सुरक्षित रखाना जू प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। बताया जा रहा है कि दो महीनें पहले इन शावकों का जन्म हुआ। सभी शावक स्वस्थ हैं। इन्हें देखने के लिए लोगों की बीड़ जुट रही है।

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