Patna Two Girls Marriage: पटना में दो स्कूली छात्राओं के घर से निकलकर खगड़िया पहुंचने और मंदिर में शादी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों को बरामद किया। जांच में एक बालिग और दूसरी नाबालिग मिली, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों के लिए अलग आदेश दिए।
पटना से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें प्यार, परिवार और सामाजिक मान्यताओं के बीच दो छात्राओं के फैसले ने सबका ध्यान खींचा है। अदालतगंज इलाके की रहने वाली दो लड़कियां कथित तौर पर पिछले करीब तीन साल से एक-दूसरे के संपर्क में थीं और उन्होंने साथ रहने का फैसला किया। दोनों अलग-अलग धर्मों से आती हैं। 7 अगस्त को दोनों अपने घर से निकलीं और बाद में खगड़िया पहुंचकर एक मंदिर में शादी करने का दावा किया। हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू यह है कि दोनों में से एक की उम्र 18 साल से कम है, इसलिए उसके संबंध में बाल संरक्षण और कानून से जुड़े प्रावधान लागू होंगे।
घर से निकलीं, खगड़िया पहुंचकर मंदिर में शादी का दावा
पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्राएं एक-दूसरे की पड़ोसी और करीबी सहेलियां थीं। इनमें एक 10वीं कक्षा और दूसरी 12वीं कक्षा में पढ़ती है। परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से दोस्ती थी, जो बाद में रिश्ते में बदल गई।
7 अगस्त को दोनों बिना परिवार को बताए घर से निकल गईं। बताया गया है कि उस समय उनके पास करीब 3,500 रुपये थे। पटना से निकलने के बाद दोनों खगड़िया पहुंचीं, जहां उन्होंने एक स्थानीय मंदिर में शादी करने का दावा किया और इसके बाद एक होटल में ठहरीं। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मंदिर में शादी किए जाने का दावा अलग बात है और ऐसी शादी की कानूनी वैधता अलग सवाल है। खासतौर पर नाबालिग की मौजूदगी के कारण मामले की कानूनी स्थिति उम्र और अन्य तथ्यों पर निर्भर करेगी।
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परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस ने खगड़िया से खोज निकाला
दोनों लड़कियों के अचानक गायब होने के बाद परिवार वालों ने पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने महिला पुलिस अधिकारी पूनम कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और उपलब्ध सुरागों की मदद से दोनों का पता लगाया। इसके बाद उन्हें खगड़िया रेलवे स्टेशन के पास से सकुशल बरामद कर पटना लाया गया। पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों का पता लगाना था।
थाने में दोनों ने कहा- साथ रहना है
पटना लाए जाने के बाद दोनों छात्राओं ने अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया। पुलिस और परिजनों के सामने उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं और अलग नहीं होना चाहतीं। मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब पुलिस जांच में दोनों की उम्र अलग-अलग पाई गई। पुलिस के अनुसार, एक लड़की बालिग है, जबकि दूसरी नाबालिग है।
नाबालिग को बाल गृह भेजा गया, बालिग को कोर्ट से मिली राहत
कोतवाली थाना प्रभारी अजय कुमार के मुताबिक, दोनों को अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद नाबालिग लड़की को उसकी सुरक्षा और देखरेख के लिए बाल गृह भेज दिया गया। वहीं, बालिग लड़की को अदालत से अपनी इच्छा के अनुसार रहने और जाने की स्वतंत्रता मिली। इस तरह मामले में दोनों की उम्र ने कानूनी प्रक्रिया को अलग-अलग दिशा दी है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें दो अलग-अलग धर्मों से आने वाली लड़कियों का संबंध, परिवार की शिकायत और एक नाबालिग की मौजूदगी जैसे कई संवेदनशील पहलू जुड़े हैं। आगे की कानूनी स्थिति संबंधित दस्तावेजों, उम्र की पुष्टि और अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
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