नेपाल के रास्ते बिहार में ड्रग्स की तस्करी की जाती है। इस गोरखधंधे में कई लोग लगे हैं जो नेपाल से ड्रग्स मंगवाकर बिहार के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करवाते हैं।  

मुजफ्फरपुर। कारोबार के लिहाज से मुजफ्फरपुर को उत्तर बिहार की राजधानी कहा जाता है। सोना-चांदी, सूती कपड़ा सहित अन्य बड़े कारोबार इस जिले से संचालित होते हैं। इन कारोबार के साथ-साथ जिले से कई गोरखधंधे भी संचालित होते हैं। जिसमें ड्रग्स का कारोबार भी शामिल है। बिहार-नेपाल की रक्सौल सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों की ओर से मिले इनपुट के आधार पर जिला पुलिस ने रविवार को शहर के एक ड्रग माफिया के घर छापेमारी की। जहां बोरों में भरे कैश के साथ-साथ ड्रग्स के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं। 

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तस्कर भागा, पकड़ा गया ससुर 
जिला पुलिस को सूचना मिली थी कि मुजफ्फरपुर के सदातपुर का रहने वाला नेयाज नबी ड्रग्स का कारोबार करता है। वो नेपाल से ड्रग्स मंगवाकर मुजफ्फरपुर सहित आस-पास के अन्य जिलों में सप्लाई करता है। इस सूचना के आधार पर जिला पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की। जहां से 10 लाख रुपए नगद के साथ-साथ स्मैक की कई पुड़िया, विदेशी मुद्रा और जाली आधार कार्ड बरामद हुआ। हालांकि इस धंधे का मुख्य सरगना नेयाज नबी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका। लेकिन उसके ससुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 

आधा किलो चरस व अरब की करेंसी बरामद
बताया जाता है कि नेयाज नबी ससुराल में ही रहता था। जहां छापेमारी हुई वहीं से उसके ससुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। छापेमारी टीम को लीड करने वाले मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी नीरज सिंह ने बताया कि सदातपुर स्थित नेयाज नबी के ठिकाने से 10 लाख रुपए, आधा किलो चरस, 14 पुड़िया स्मैक, नेपाल और अरब की करेंसी बरामद की गई है। 

नेयाज नबी की तस्वीर वाले दो आधार कार्ड भी बरामद हुए है। जिसमें एक में उसका नेयाज नबी जबकि दूसरे में उसका नाम मनिक चंद भारती है। छापेमारी के बाद अब पुलिस नेयाज नबी को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है।