लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। रविवार को अपने पैतृक गांव पुलवरिया गए थे। जहां उन्होंने लालू प्रसाद यादव के बनवाए अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों को जमकर लताड़ भी लगाई। 

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जिस समय बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने अपने पैतृक गांव फुलवरिया में अपनी मां मरछिया देवी के नाम से एक सरकारी अस्पताल बनवाया था। इस अस्पताल में गांव के लोग इलाज के लिए पहुंचते है। जब तक लालू शासन में रहे, तब तक यहां की व्यवस्था अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से कहीं अच्छी थी। लेकिन अब राज्य के अन्य स्वास्थय केंद्रों की तरह यहां की व्यवस्था में भी कई कमियां आ गई। रविवार को अचानक लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव इस अस्तपाल में पहुंचे। उन्होंने यहां की व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें जो भी कमियां दिखी, उसको लेकर डॉक्टर को जमकर लताड़ लगाई।

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कोरोना के बचाव के लिए मास्क है या नहींः तेज
पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क हैं या नहीं? कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाया है या नहीं? सांप-बिच्छु काटने पर लोगों को दी जाने वाली दवा है या नहीं? तेजप्रताप से इन सवालों पर डॉक्टर साहब जवाब देते-देते परेशान हो गए। तेज प्रताप यादव डॉक्टर से इस तरह सवाल पूछ रहे थे जैसे मानों वो अब भी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हो। तेजप्रताप के सवाल जनहित से जुड़े थे। लेकिन उनका अस्पताल का दौरा करना और डॉक्टर को धमकाना पब्लिसिटी वाला दिक रहा था। 

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1990 में लालू ने बनवाया था अस्पताल
बता दें कि फुलवरिया में मरछिया देवी अस्पताल की स्थापना लालू प्रसाद यादव 1990 में करवाया था। जिसके बाद से यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है। अस्पताल के निरीक्षण के बाद तेजप्रताप यादव गांव के लोगों से भी मिले। गांव में स्थित देवी मां की पूजा-अर्चना भी की। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह पर राजद कार्यकर्ताओं ने तेज प्रताप यादव का स्वागत किया। इससे इतर शनिवार वैशाली जिले के जंदाहा में एक कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे तेज प्रताप यादव ने एक दलित परिवार के यहां मक्के की रोटी भी खाई। जिसकी तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि खाकर मन अतिप्रसन्न हुआ। अथाह प्यार और आशिर्वाद के लिए धन्यवाद।