गुजरे जमाने के मशहूर संगीतकार एस. मोहिंदर का 95 साल की उम्र में निधन हो गया। मोहिंदर को 1956 में आई फिल्म 'शीरीं फरहाद' में संगीत के लिए जाना जाता है। मोहिंदर के निधन की खबर पर लता मंगेशकर ने ट्वीट करते हुए श्रद्धांजलि दी है। 

मुंबई। गुजरे जमाने के मशहूर संगीतकार एस. मोहिंदर का 95 साल की उम्र में निधन हो गया। मोहिंदर को 1956 में आई फिल्म 'शीरीं फरहाद' में संगीत के लिए जाना जाता है। मोहिंदर के निधन की खबर पर लता मंगेशकर ने ट्वीट करते हुए श्रद्धांजलि दी है। लता मंगेशकर ने लिखा, आज बहुत अच्छे संगीतकार एस मोहिंदर जी का स्वर्गवास हुआ, ये सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। वो बहुत शरीफ और नेक इंसान थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

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बता दें कि आजादी से पहले लाहौर रेडियो से अपने करियर की शुरुआत करने वाले मोहिंदर उस दौर के इकलौते म्यूजिक डायरेक्टर थे। बतौर म्यूजिक डायरेक्टर उनकी आखिरी फिल्म 1981 में आई 'दहेज' थी। 1969 में उन्हें फिल्म ‘नानक नाम जहाज है’ में म्यूजिक डायरेक्शन के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला था। 

मोहिंदर सिंह सरना का जन्म भारत के बंटवारे से पहले पंजाब के मोंटगोमरी जिले के सिल्लियांवाला गांव में 8 सितम्बर 1925 को हुआ था। उनके पिता सुजान सिंह बख्शी पुलिस में सबइंस्पेक्टर थे। लाहौर रेडियो स्टेशन में काम करने के दौरान उनकी मुलाकात सुरैया से हुई थी। सुरैया ने ही उन्हें मुंबई बुलाया था।

मोहिंदर की जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा बेहद मशहूर रहा है। कहा जाता है कि एक बार उन्हें मधुबाला ने शादी के लिए प्रपोज किया था लेकिन मोहिंदर ने इसे ठुकरा दिया था। दरअसल, मधुबाला फिल्म 'शीरीं फरहाद' में मोहिंदर के काम से बहुत प्रभावित थीं। हालांकि मोहिंदर शादीशुदा थे इसलिए उन्होंने मधुबाला को मना कर दिया था।