मराठी थिएटर के मशहूर लेखक, नाटककार और डायरेक्टर रत्नाकर मतकरी का रविवार को निधन हो गया। वह 81 साल के थे और उनका निधन कोरोना वायरस के कारण हुआ है।

मुंबई. मराठी थिएटर के मशहूर लेखक, नाटककार और डायरेक्टर रत्नाकर मतकरी का रविवार को निधन हो गया। वह 81 साल के थे और उनका निधन कोरोना वायरस के कारण हुआ है। मतकरी का मुंबई के एक अस्पताल में काफी दिनों से इलाज चल रहा था। उनकी मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम की देखरेख में पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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कम उम्र में ही शुरू किया था लिखना

मराठी में बच्चों के नाटक लिखने के लिए मशहूर मतकरी ने अपनी जिंदगी में लगभग 39 नाटक और 20 से अधिक शॉर्ट स्टोरीज लिखीं। इसके अलावा उन्होंने बच्चों के 16 नाटक और 13 उपन्यास भी लिखे थे। उन्होंने काफी कम उम्र से लिखना शुरू कर दिया था। साल 1955 में उनके पहले नाटक का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो पर हुआ था और तब वह केवल 17 साल के थे।

नाटक लिखने और डायरेक्ट करने के अलावा मतकरी ऐक्टिंग भी करते थे। उन्होंने अपने खुद के लिखे नाटकों में ऐक्टिंग की थी। नाटक लिखने के साथ ही मतकरी समाज और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर एक ऐक्टिविस्ट के तौर पर भी जुड़े हुए थे। वह 90 के दशक में नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े हुए थे। साल 2003 में उन्हें संगीत नाटक अकैडमी अवॉर्ड से भी नवाजा गया था।