- Home
- Business
- 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर? कर्मचारियों के लिए बड़ी अपडेट
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर? कर्मचारियों के लिए बड़ी अपडेट
8th Pay Commission Big Update: 8वें वेतन आयोग की बैठकों के बीच फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी चर्चा छिड़ गई है। ₹18,000 की बेसिक सैलरी ₹54,000 से ₹72,000 तक पहुंचने का अनुमान है। जानिए अलग-अलग फॉर्मूलों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी पर क्या असर पड़ेगा

8वें वेतन आयोग की बेंगलुरु में बैठक पूरी, अब मुंबई में होगी मीटिंग
वेतन आयोग ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में अपनी अहम बैठक पूरी कर ली है। इससे पहले दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर और पुडुचेरी में भी दौर-दर-दौर चर्चा हो चुकी है। अब आयोग का अगला पड़ाव देश की आर्थिक राजधानी मुंबई है, जहां 22 अक्टूबर से बैठकों का नया सिलसिला शुरू होगा। इन सभी मुलाकातों का मुख्य एजेंडा वेतन संशोधन, पेंशन सुधार और सबसे जरूरी—फिटमेंट फैक्टर का नया दायरा तय करना है।

क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसका फॉर्मूला?
आसान भाषा में कहें तो फिटमेंट फैक्टर वो पैमाना (मल्टीप्लायर) है, जिससे आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इसका फॉर्मूला है नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर। उदाहरण के लिए, छठे वेतन आयोग में यह 1.86 था और 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 तय किया गया था। इसी आंकड़े के आधार पर न्यूनतम मूल वेतन ₹7,000 से बढ़कर सीधे ₹18,000 हुआ था। अब 8वें वेतन आयोग में इसी नंबर को और आगे ले जाने की तैयारी चल रही है।
8वें वेतन आयोग में यूनियनों की मांग क्या है?
- भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) की 4.0 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग।
- NC-JCM और AIDEF का 3.833 गुना का प्रस्ताव।
- महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन संगठन की 3.8 गुना की सिफारिश।
- पोस्टल और अन्य संगठन (FNPO/AITUC) की 3.0 से 3.25 गुना की मांग।
- मोटे तौर पर संकेत मिल रहे हैं कि नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2 से 4 के दायरे में रखा जा सकता है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन ₹54,000 से लेकर ₹72,000 के बीच पहुंच सकता है।
₹18,000 की बेसिक सैलरी पर किस फॉर्मूले से कितनी बनेगी सैलरी?
- अगर आयोग 3.0 गुना का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार करता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे बढ़कर ₹54,000 प्रति माह हो जाएगी।
- ये आंकड़ा 3.25 गुना तय होता है, तो कर्मचारी का मूल वेतन ₹58,500 पर पहुंच जाएगा।
- 3.8 गुना के हिसाब से ये बेसिक पे ₹68,400 बनेगी।
- 3.833 गुना का पैमाना लागू होने पर ये रकम बढ़कर ₹68,994 प्रति माह हो जाएगी।
- अगर सरकार अधिकतम मांग यानी 4.0 गुना के फिटमेंट फैक्टर पर मुहर लगाती है, तो लेवल-1 कर्मचारी का न्यूनतम मूल वेतन ₹72,000 के स्तर को छू लेगा।
- हालांकि आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक नंबर घोषित नहीं किया है, इसलिए ये सभी आंकड़े यूनियनों द्वारा सौंपे गए प्रस्तावों पर आधारित अनुमान हैं।
फिटमेंट फैक्टर 3.833x और 4x में कितना अंतर?
यूनियनों की दो प्रमुख मांगों (3.833 गुना और 4.0 गुना) के बीच बेसिक सैलरी में महीने का अंतर करीब ₹3,006 बैठता है। महीने के हिसाब से यह रकम भले ही छोटी लगे, लेकिन सिर्फ बेसिक पे के स्तर पर यह पूरे साल में ₹36,072 का बड़ा अंतर पैदा करती है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) जैसे सभी भत्ते बेसिक पे पर ही तय होते हैं, इसलिए फिटमेंट फैक्टर का जरा सा भी ऊपर-नीचे होना टेक-होम सैलरी को काफी प्रभावित करेगा।
8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स को क्या मिलेगा और कब तक आएगी अंतिम रिपोर्ट?
फिटमेंट फैक्टर का असर सिर्फ नौकरी कर रहे कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स पर भी सीधे तौर पर लागू होता है। बेसिक पेंशन का रिवीजन भी इसी फॉर्मूले से तय होगा, जिससे बुजुर्ग पेंशनर्स की मासिक आय में अच्छा खासा सुधार हो सकता है। फिलहाल आयोग देशव्यापी चर्चाओं में जुटा है और इसकी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना जताई जा रही है। तब तक के लिए मुंबई की आगामी बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल अलग-अलग कर्मचारी संगठनों द्वारा 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए प्रस्तावों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। केंद्र सरकार या वेतन आयोग ने अभी तक अंतिम फिटमेंट फैक्टर या वेतन दरों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

