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Coal India Share: ई-ऑक्शन प्रीमियम उछलकर 94% पर पहुंचा, क्या शेयर में आने वाली बड़ी तेजी?
Coal India Share Price Target: देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया के शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश हैं। बिजली की भारी मांग और प्रीमियम में 94% उछाल के दम पर नया टारगेट दिया गया है। जानिए क्या निवेशकों के लिए अभी खरीदारी का सही मौका है...

कोल इंडिया शेयर क्यों चर्चा में है ?
शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों का जलवा बरकरार है, लेकिन कोल इंडिया इस समय खास वजह से चर्चा में आ गई है। ब्रोकरेज हाउस नुवामा (Nuvama) ने कंपनी की रेटिंग को 'Hold' से बदलकर 'Buy' कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनी की कमाई और मार्जिन दोनों में तगड़ा सुधार दिखेगा। इसके साथ ही शेयर का नया टारगेट प्राइस ₹454 से बढ़ाकर ₹501 तय किया गया है, जिसमें ₹26.5 प्रति शेयर का डिविडेंड भी शामिल है।

कोल इंडिया ई-ऑक्शन प्रीमियम 94% पर
कोल इंडिया अपने तय रेट से जितना महंगा कोयला खुली नीलामी (E-Auction) में बेचती है, उसे प्रीमियम कहते हैं। सितंबर में ये प्रीमियम उछलकर 94% पर पहुंच गया। अगस्त में यह 59% था और पिछले साल इसी दौरान केवल 34% था। नीलामी में रखे गए कोयले में से 72% तुरंत बिक गया, जबकि पहले यह आंकड़ा महज 40% था। इसका फायदा ये है कि बाहर से आने वाला विदेशी कोयला महंगा हो चुका है, जिससे घरेलू बाजार में कोल इंडिया के कोयले की बोली रिकॉर्ड स्तर पर लग रही है।
कोल इंडिया की सप्लाई रफ्तार लगातार 5वें महीने तेज
देशभर के बिजली घरों (थर्मल पावर प्लांट्स) में इस वक्त कोयले का स्टॉक काफी कम है, जबकि बिजली की खपत लगातार नई ऊंचाइयों पर है। इस कमी को पूरा करने के लिए कोल इंडिया पूरी ताकत से सप्लाई कर रही है। सितंबर 2026 में कंपनी की कोयला निकासी (Offtake) 12.5% बढ़कर 6.12 करोड़ टन रही। ये लगातार 5वां महीना है जब कंपनी की बिक्री की मात्रा बढ़ी है। चालू वित्त वर्ष (FY27) में कंपनी का कुल वॉल्यूम 79.6 करोड़ टन और अगले साल 83.2 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है।
कोल इंडिया 6% डिविडेंड का ऐलान, वैल्यूएशन भी सस्ता
अगर आप सिर्फ शेयर की कीमत बढ़ने के बजाय नियमित कमाई यानी डिविडेंड पसंद करते हैं, तो भी ये स्टॉक ध्यान खींचता है। नुवामा के मुताबिक, मौजूदा भाव पर इस शेयर में करीब 6% का डिविडेंड यील्ड मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी का वैल्युएशन अपने 3 साल के औसत (5.1x) के मुकाबले अभी सिर्फ 4.1x EV/EBITDA पर ट्रेड कर रहा है। यानी शेयर अभी भी अपने ऐतिहासिक स्तर से सस्ता मिल रहा है।
महानदी कोलफील्ड्स की अलग से लिस्टिंग की तैयारी
कोल इंडिया के लिए सबसे बड़ा गेमचेंजर इसकी सब्सिडियरी कंपनी 'महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड' (MCL) का संभावित आईपीओ (IPO) हो सकता है। MCL अकेले कोल इंडिया के कुल उत्पादन का 28% और कोर कमाई (EBITDA) का 31% हिस्सा संभालती है। ब्रोकरेज का कहना है कि जब MCL शेयर बाजार में अलग से लिस्ट होगी, तो इसे 6x से ज्यादा का तगड़ा वैल्यूएशन मिल सकता है। इसका फायदा मूल कंपनी कोल इंडिया की री-रेटिंग के रूप में दिखेगा।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। इसे किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सेबी रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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