कबाड़ समझकर फेंके जाने वाले तार बना रहे हैं लाखपति, जानिए पूरा बिजनेस फॉर्मूला
पुराने तांबे के तारों से कमाई का बेहतरीन मौका। जानिए कॉपर वायर रीसाइक्लिंग बिजनेस कैसे शुरू करें, कितना निवेश चाहिए, कच्चा माल कहां से मिलेगा और इस कारोबार में मुनाफा कितना हो सकता है।

पुराने तारों से लाखों कमाने का बिजनेस मॉडल
अगर सोच अलग हो और योजना मजबूत, तो साधारण चीजें भी कमाई का बड़ा जरिया बन सकती हैं। आज के समय में ऐसा ही एक उभरता हुआ कारोबार है , पुराने तांबे (कॉपर) के तारों का रीसाइक्लिंग बिजनेस। तेजी से बढ़ते रीसाइक्लिंग सेक्टर और महंगे होते तांबे ने इस काम को छोटे निवेश में बड़ा मुनाफा देने वाला विकल्प बना दिया है।
तेजी से बढ़ता रीसाइक्लिंग सेक्टर, तांबे की बढ़ती मांग
वर्तमान दौर में रीसाइक्लिंग उद्योग लगातार विस्तार कर रहा है, खासकर मेटल रीसाइक्लिंग में जबरदस्त संभावनाएं हैं। घरों, दफ्तरों, फैक्ट्रियों और पुराने भवनों से निकलने वाले इलेक्ट्रिकल तार बड़ी मात्रा में कबाड़ बन जाते हैं। इन्हीं तारों के अंदर मौजूद तांबा बाजार में महंगे दामों पर बिकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के असर से तांबे की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे यह बिजनेस और भी आकर्षक बन गया है।
पुराने तारों से तांबा निकालने की प्रक्रिया
इस कारोबार की सबसे अहम प्रक्रिया है प्लास्टिक कोटिंग वाले तारों से शुद्ध तांबा अलग करना। इसके लिए बाजार में वायर स्ट्रिपिंग मशीनें उपलब्ध हैं, जो मैनुअल, सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक विकल्पों में आती हैं। शुरुआत में मैनुअल या सेमी-ऑटोमैटिक मशीन से काम चल सकता है। इन मशीनों की मदद से रोजाना सैकड़ों किलो तार प्रोसेस किए जा सकते हैं। निकाले गए तांबे को साफ करके बंडल के रूप में तैयार किया जाता है, जिससे बेहतर कीमत मिलती है।
कच्चा माल कहां से मिलेगा?
तांबे के तारों के बिजनेस में कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सबसे जरूरी है। इसके लिए पुराने मकानों को गिराने वाले ठेकेदारों से पहले से समझौता किया जा सकता है। इलेक्ट्रिशियन, केबल नेटवर्क ऑपरेटर और फैक्ट्री मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्टर भी तारों का अच्छा स्रोत बन सकते हैं। इसके अलावा बंद हो रही फैक्ट्रियां, गोदाम और दुकानें भी बड़ी मात्रा में पुराने तार उपलब्ध कराती हैं। कुछ लोग क्षेत्रवार कबाड़ खरीदने के लिए कर्मचारियों को भी नियुक्त करते हैं, जिससे सप्लाई लगातार बनी रहती है।
बिजनेस शुरू करने के लिए क्या चाहिए?
इस कारोबार को शुरू करने के लिए बहुत बड़ी तैयारी की जरूरत नहीं होती। एक छोटा गोदाम या खुली जगह, वायर स्ट्रिपिंग मशीन, सुरक्षा उपकरण जैसे ग्लव्स और कटिंग टूल्स पर्याप्त होते हैं। स्थानीय स्क्रैप डीलरों और मेटल व्यापारियों से संपर्क बनाना फायदेमंद रहता है। अगर MSME रजिस्ट्रेशन करा लिया जाए, तो बैंक से लोन लेने में भी आसानी होती है। शुरुआत में कम क्षमता से काम शुरू कर धीरे-धीरे विस्तार किया जा सकता है।
मुनाफा कितना हो सकता है?
इस बिजनेस में मुनाफे की संभावना काफी अच्छी मानी जाती है। पुराने तार कम कीमत पर खरीदे जाते हैं और उनमें से निकला तांबा कई गुना दाम पर बिकता है। फिलहाल बाजार में तांबे की कीमत लगभग तीन हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इसके दाम और बढ़ सकते हैं। सही मैनेजमेंट और खर्चों पर नियंत्रण रखा जाए, तो हर महीने लाखों रुपये तक की कमाई संभव है। साथ ही, यह कारोबार दूसरों को रोजगार देने का भी जरिया बन सकता है।
DISCLAIMER : यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से प्रत्यक्ष बातचीत करना और बाजार की स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और योजना के साथ यह बिजनेस लंबे समय तक स्थिर और लाभदायक साबित हो सकता है।
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